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चीन ने अपना सैनिक जल्द छोड़ने के लिए भारतीय सेना से लगाई गुहार

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भारतीय सेना ने एक बयान जारी कर बताया था कि पकड़े गए सैनिक की पहचान चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के कॉरपोरल वांग या लांग के रूप में हुई है। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे चुशुल-मोल्डो सीमा प्वाइंट पर चीनी सेना के हवाले कर दिया जाएगा।

पीएलए की वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता सीनियर कर्नल झांग शुइली ने दावा किया कि चीनी सैनिक 18 अक्टूबर की शाम को चीन-भारत सीमा पर उस वक्त लापता हो गया था जब वह स्थानीय लोगों के अनुरोध पर उनके याक को खोजने में मदद कर रहा था।

इस घटना के तुरंत बाद पीएलए के सीमा पर तैनात सैनिकों ने इसकी जानकारी भारतीय सेना को दी और उम्मीद जताई कि भारतीय पक्ष उसकी खोज और बचाव में मदद करेगा। भारतीय पक्ष ने लापता सैनिक को खोजकर उसकी मदद करने और लौटाने का वादा किया है।

कर्नल झांग ने कहा, भारतीय पक्ष से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक लापता चीनी सैनिक को खोज लिया गया है और चिकित्सकीय जांच के बाद उसे चीन के हवाले कर दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय पक्ष जल्द से जल्द अपना वादा निभाएगा और दोनों देशों के वरिष्ठ कमांडरों के बीच सातवें दौर की वार्ता में बनी सहमति को लागू करेगा ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनी रहे।

रिपोर्टों के मुताबिक, वह पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में भटक गया था। समाचार एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी है कि हिरासत में लेने के बाद भारतीय सेना ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए इस चीनी सैनिक को अत्यधिक ऊंचाई और कठोर जलवायु परिस्थितियों से बचाने के लिए ऑक्सीजन, खाना और गर्म कपड़े समेत अन्‍य जरूरी चिकित्सा मदद मुहैया कराई गई।

माना जा रहा है कि वह अनजाने में भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया होगा। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा है कि तय प्रक्रिया का अनुपालन करने के बाद प्रोटोकॉल के अनुसार उक्‍त चीनी सैनिक को चुशुल – मोल्डो बैठक बिंदु पर वापस चीनी सेना के हवाले कर दिया जाएगा।

हालांकि कुछ अन्‍य रिपोर्टों में कहा गया है कि उसके किसी जासूसी मिशन पर होने को लेकर भी छानबीन की गई। यहां बता देना जरूरी है कि जो दरियादिली भारतीय सेना ने दिखाई है चीनी सेना ऐसी पहल करने से बचने की कोशिश करती है।

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