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इन बड़ी कंपनियों के CEOs ऐसे रखते है खुद को फिट, जानिएं कैसे बिताते है अपने फुर्सत के लम्हें…

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली: कई बार हम आम इंसानो के दिमाग में एक सवाल आता है कि बड़ें-बड़ें करोड़पति लोगों की लाइफस्टाइल कैसे होती होगी। क्या ये लोग भी हमारी तरह ही आम जीवन जीते है या क्या ऐसा अलग होता है इनकी लाइफ में। तो चलिए आज हम बात कर लेते है टॉप कंपनियों के चीफ एग्जीक्यूटिव यानि CEO की, जिनकी लाइफ बेहद ही व्यस्त रहती है और ये लोग करोड़पति भी होते है।

दरअसल, अपने व्यस्त जीवन के कारण इन बड़े लोगों पर समय का थोड़ा अभाव रहता है। उनके लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे अपने रेग्युलर वर्क से कुछ समय निकालें और ऐसे काम में समय दें जो उन्हें शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रख सके। वैसे कई प्रोफेशनल्स और काफी व्यस्त रहने वाले लोगों का कहना है कि जब वे अपने लिए कुछ अलग से समय निकालते हैं, तो वो लोग पार्क में घूमना , रनिंग और जॉगिंग करना पसंद करते है इससे उन्हें काफी एनर्जी मिलती है। इसके साथ ही उन्हें कई इनोवेटिव आइडियाज भी आते हैं, जो उनके बिजनेस के लिए कारगर साबित होते हैं। जानते हैं ऐसे ही कुछ लोगों के बारे में, जो जब अपने व्यावसायिक कामों से अलग होते हैं, तो क्या करते हैं और अपना समय कैसे बिताते हैं।

अजॉय चावला (Ajoy Chawla) जूलरी बिजनेस में हैं। वे टाइटन कंपनी (The Titan Company) के सीईओ हैं। हर रविवार की सुबह अजय चावला बेंगलुरु के कब्बन पार्क में 15-20 किलोमीटर की रनिंग करते हैं। उनका कहना है कि दौड़ने से उनके मन और शरीर को शांति मिलती है। चावला कहते हैं कि मैं दौड़ते समय संगीत नहीं सुनता, जैसा कि कई लोग करते हैं। उनका कहना है कि जब मैं दौड़ता हूं, तो सिर्फ प्रकृति और पर्यावरण के साथ होता हूं। यह मेरा अपना समय होता है। अजय चावला ने पिछले कुछ वर्षों में देश भर में 10-12 हाफ-मैराथन चलाए हैं और खास तौर पर हमेशा टाइटन की सालगिरह पर ऐसा जरूर करते हैं। उन्होंने 2014 में लाइफस्टाइल कंपनी की 30वीं वर्षगांठ पर 30 किलोमीटर की दौड़ लगाई थी।

तोमोको ओकाडा (Tomohiko Okada) तोशिबा इंडिया (Toshiba India) के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनकी रुचियां अलग-अलग तरह की रही हैं। जब वे यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे, तभी एक प्रसिद्ध स्थानीय नौकायन टीम के चालक दल के मेंबर थे। बाद में जब उन्होंने तोशिबा के साथ काम करना शुरू किया, तब उन्होंने स्कूबा डाइविंग शुरू किया। पिछले 30 वर्षों से ओकाडा जॉगिंग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे वे काफी बेहतर महसूस करते हैं। तोमोइको ओकाडा का कहना है कि जब मैं ऑफिस के काम से थक जाता हूं, तो जॉगिंग करने से मुझे काफी ताजगी मिलती है। वे नियमित रूप से योग भी करते हैं। उनका कहना है कि योग करने के बाद उन्हें मानसिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान और बाद में भी जॉगिंग के अलावा वे करीब रोग योग करते रहे। उनका कहना है कि योग से मुझे शारीरिक और मानसिक तौर पर बेहतर महसूस होता है।

राजेन वागड़िया (Rajen Vagadia) क्वालकॉम, भारत और सार्क (Qualcomm, India & Saarc) के प्रेसिंडेट हैं। राजेन वागड़िया का शौक यात्रा करना है। वे कहते हैं कि जब मेरे बच्चे बड़े हो रहे थे, तो मैं महीने में 21 दिन तक यात्रा करता था। अब मैं पूरे परिवार के साथ यात्रा करता हूं। वागड़िया कहते हैं कि वे साल में 2 छुट्टियां मनाने जाते हैं। हाल में कोरोनावायरस महामारी दौरान भी वे अपने परिवार के साथ अमेरिका की यात्रा पर गए थे। उनकी फैमिली ने अपना अधिकांश समय येलोस्टोन नेशनल पार्क में बिताया। वागड़िया कहते हैं, “हॉट स्प्रिंग्स देखने के लिए वहां जरूर जाना चाहिए। यह वाकई अद्भुत है। वहां के रंग मन पर गहरा असर डालते हैं।”

कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति (Krishna Prasad Chigurupati) हैदराबाद स्थित ग्रैन्यूलस इंडिया (Granules India) अध्यक्ष और एमडी हैं। हैदराबाद स्थित यह फार्मास्यूटिकल कंपनी के कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति दूसरे बिजनेस प्रोफेशनल्स से पूरी तरह अलग है। उन्होंने मैराथन में दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं। 67 वर्षीय कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति अपनी पत्नी उमा चिगुरुपति के साथ एक ही वर्ष में उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव, दोनों मैराथन में भाग लेने वाले एकमात्र युगल होने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। करीब 5 साल पहले 2015 में इस जोड़ी ने 7 दिनों में 7 महाद्वीपों में 7 हाफ मैराथन में भाग लिया। यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह एकमात्र जोड़ी है। यह एक रिकॉर्ड है।

बासकर बाबू (Baskar Babu) सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ हैं। वे ऐसी लीडरशिप में यकीन करते हैं, जिसका मकसद सेवा करना हो। वर्षों से अपने कर्मचारियों के साथ होने वाली सीईओ-कनेक्ट मीटिंग के दौरान वे खुद सबके लिए खाना तैयार करते हैं। बासकर बाबू ने अपनी मां से खाना पकाना सीखा है। वे बताते हैं कि एक बार मैं एक सीईओ-कनेक्ट बैठक आयोजित करने वाला था। मैंने अपनी टीम से कहा कि मैं यह नहीं चाहता कि यह इसमें किसी तरह के निर्देश दिए जाएं। इसमें सभी को अपनी राय रखने का मौका मिले। इस दौरान उन्होंने खुद लंच तैयार करने का विचार किया। उन्होंने सभी के लिए डोसा बनाया। बाबू कई तरह के फूड आइटम बनाते हैं। लेकिन डोसा और चटनी उनका पहला प्यार है। वे कहते हैं कि मुझे चटनी बनाने के लिए कई तरह की चीजों का उपयोग करना आता है।

मनीष भटनागर (Manish Bhatnagar) एसकेएफ इंडिया (SKF India) के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। एसकेएफ इंडिया सप्ताह में 5 दिन चलता है। वह हर महीने 300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करते हैं। यह फिटनेस रिजीम वे साल 2005 से ही फॉलो कर रहे हैं। मनीष भटनागर ने 6 मैराथन में सफलता हासिल की है। इसमें न्यूयॉर्क 2019, शिकागो 2017, रॉटरडैम 2018 और हैदराबाद 2019 और 100 से ज्यादा हाफ मैराथन शामिल हैं। वे ज्यादातर अपने घर, कार्यालय या होटल के आसपास की सड़कों पर चलते हैं और सप्ताह में एक बार स्पीड ट्रेनिंग के लिए एक एथलेटिक ट्रैक पर जाते हैं। वह हिल-ट्रेनिंग वर्कआउट को दोहराने के लिए फ्लाईओवर का भी उपयोग करते हैं। वे कहते हैं कि कुछ लोग ध्यान करते हैं, लेकिन मैं दौड़ता हूं। इससे मुझे शांति मिलती है और मुझे ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलती है।

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