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सावधान : अब ATM से पैसा निकालना पड़ेगा और महंगा, न करें लिमिट क्रॉस, रिजर्व बैंक ने बढ़ाई फीस

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों में लगातार लोगों के सामने स्वास्थ संबंधित समस्याएं खड़ी हुई है, चाहे वह कोरोना वायरस को लेकर हो, या ब्लैक फंगस को लेकर या ह्वाइट फंगस को लेकर या किसी अन्य बीमारी को लेकर। इन सभी समस्याओं के कारण लगातार लोगों को बैंक या एटीएम से पैसे निकलने की जरूरत आन पड़ती है। लेकिन अब रिजर्व बैंक ने बैंक कस्टमर्स के लिए किसी महीने में फ्री लिमिट से ज्यादा का लेनदेन करने पर कस्टमर चार्ज और गैर बैंक एटीएम चार्ज में बढ़ोतरी कर दी है।

इसका मतलब यह है कि आप यदि अपने बैंक की जगह किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसा निकालते हैं तो फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजैक्शन पर आपका ज्यादा पैसा कटेगा। यह बढ़त 1 अगस्त, 2021 को लागू होगा।

कस्टमर चार्ज में वृद्धि

इसी तरह रिजर्व बैंक ने कस्टमर चार्ज की सीमा भी प्रति ट्रांजैक्शन 20 से बढ़ाकर 21 रुपये कर दी है। इसका मतलब यह है कि अपने बैंक के एटीएम में भी फ्री ट्रांजैक्शन का लिमिट पार करने पर आपको अब ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा। रिजर्व बैंक ने कहा कि ये नए चार्ज कैश रीसाइक्लर मशीन के लिए भी लागू होंगे। जो 1 जनवरी, 2022 से लागू होगी।

आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने सभी बैंक एटीएम में वित्तीय लेनदेन के लिए इंटरचेंज फीस 15 से बढ़ाकर 17 रुपये कर दिया है। इसी तरह गैर वित्तीय ट्रांजैक्शन के लिए फीस 5 से बढ़ाकर 6 रुपये कर दी गई है। बता दें कि, यहां वित्तीय ट्रांजैक्शन का मतलब पैसा निकालने से है, इसी तरह गैर वित्तीय ट्रांजैक्शन का मतलब बैलेंस पता करना आदि है।

सीमा से अधिक ट्रांजैक्शन महंगा

गौरतलब है कि ग्राहकों से दूसरे बैंक के एटीएम से हर महीने मेट्रो शहरों में तीन बार और गैर मेट्रो शहरों में पांच बार ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लिया जाता। इसके बाद यह चार्ज लगता है। यानी अगर आपने इस सीमा से ज्यादा ट्रांजैक्शन किया तो अब वह महंगा पड़ेगा।

बता दें कि जून 2019 में इंडियन बैंक एसोसिएशन के प्रमुख की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित की गई थी। उसी के सिफारिशों के आधार पर यह बदलाव किया गया है। एक बयान में रिजर्व बैंक ने कहा कि, ‘समिति की सिफारिशों पर व्यापक तौर पर विचार किया गया। यह भी देखा गया कि एटीएम ट्रांजैक्शन पर इंटरचेंज फीस में इसके पहले बदलाव अगस्त 2012 में किया गया था। इसी तरह कस्टमर से लिए जाने वाले चार्ज में पिछली बार बदलाव अगस्त 2014 में हुआ था।’

बता दें कि बैंक अपने ग्राहकों को अपने एटीएम से एक निश्चित सीमा तक ट्रांजैक्शन फ्री देते हैं, उसके बाद उस पर भी चार्ज लगाते हैं। रिजर्व बैंक का कहना है कि ग्राहकों को अपने बैंक एटीएम से हर महीने पांच ट्रांजैक्शन वित्तीय या गैर वित्तीय ही फ्री में उपलब्ध होगा।

गौरतलब है कि रिजर्व के इस फैसले से जहां आपको एटीएम से कैश निकलना महंगा पड़ेगा, वहीं अगर आप अपने बैलेंस अमाउंट का भी पता करना चाहते है, लेकिन आपने रिजर्व बैंक के अनुसार लिमिट क्रॉस कर ली है, तो आपके बैलेंस की जानकारी लेने पर भी चार्ज लगेंगे।

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