आज़म बेग ने अपनी बात कुछ इस अंदाज़ में शुरू की "मिलेगी मंज़िल ए मक़सूद ये इमान रखते हैं, हम अपनी रहनुमाई के लिए क़ुर'आन रखते हैं। उन्होंने कहा कि वह कोम व मिल्लत का नाम कभी नीचे नहीं होने देंगे और सभी स्तर पर समस्याओं का समाधान करने में अपनी ओर से महती भूमिका का निर्वहन करेंगे।
