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बुलंदशहर चंद्रशेखर आजाद और उनकी नई नवेली आजाद समाज पार्टी उभरी

By: RNI Hindi Desk 
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बुलंदशहर चंद्रशेखर आजाद और उनकी नई नवेली आजाद समाज पार्टी उभरी

बुलंदशहर चंद्रशेखर आजाद और उनकी नई नवेली आजाद समाज पार्टी उभरी

उपचुनाव में वेस्ट यूपी में नई सियासी ताकत के तौर पर अराजनीतिक संगठन भीम आर्मी से सियासी चोला पहनने वाले चंद्रशेखर आजाद और उनकी नई नवेली आजाद समाज पार्टी उभरी।

उपचुनाव में एक मात्र बुलंदशहर विधानसभा सीट पर चंद्रशेखर आजाद की दमदार सियासी एंट्री रही। पहली बार चुनाव लड़ी एएसपी ने एसपी-आरएलडी, कांग्रेस, AIMIM को पछाड़ कर तीसरे नंबर पर मौजूदगी दर्ज कराई।

सियासी हलकों में एएसपी प्रत्याशी की इस बढ़त को अप्रत्याशित माना रहा है और बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इस सीट पर पहले पर बीजेपी, जबकि दूसरे पर बीएसपी के कैंडिडेट को वोट मिले हैं।

2017 में सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद भीम आर्मी का नाम चर्चा में आया था। उसके संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ हिंसा के मामले में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

रासुका लगी थी, लेकिन 2018 के कैराना लोकसभा के उपचुनाव से ठीक पहले एकाएक चंद्रशेखर को जेल से रिहा कर दिया गया था।

इसके बाद चंद्रशेखर बहुजनों की आवाज उठाने के लिए आए दिन चर्चा में रहते हैं। उन्होंने इसी साल अपनी सियासी पार्टी आजाद समाज पार्टी का गठन किया था। 2022 में विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान किया थाा।

लेकिन चुनावी सियासत में उन्होंने उपचुनाव में ही एंट्री की। सभी सात सीटों की बजाय सिर्फ एक सीट बुलंदशहर सदर पर कैंडिडेट उतारा। मीट कारोबारी हाजी यामीन को टिकट दिया।

हालांकि सियासी जानकार एएसपी को उपचुनाव में हल्के में ले रहे थे, लेकिन चंद्रशेखर आजाद ने कई दिन बुलंदशहर में प्रचार किया। बीजेपी और बीएसपी के बाद तीसरे नंबर पर दस्तक देकर अपनी ताकत का अहसास करा दिया। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि बुलंदशहर ट्रायल था, फाइनल 2022 में होगा।

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