बुरहानपुर जिले से सटे ग्राम बोरसर में सामाजिक सुधार की दिशा में एक अनोखी और सराहनीय पहल शुरू की गई है। गांव की ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक स्थानों पर गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ सख्त नियम लागू करते हुए 500 रुपये का जुर्माना तय किया है। इस फैसले का उद्देश्य गांव में शांति, सभ्यता और आपसी सम्मान का माहौल बनाना है।
ग्राम के उपसरपंच अश्विनी पाटिल और प्रतिनिधि विनोद शिंदे ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज करता हुआ पाया जाता है, तो उसे 500 रुपये का जुर्माना भरना होगा। वहीं, यदि संबंधित व्यक्ति जुर्माना देने में सक्षम नहीं है, तो उसे सजा के रूप में 2 घंटे तक गांव में स्वच्छता अभियान के तहत सफाई कार्य करना होगा।
इस नियम को प्रभावी बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों ने पूरे गांव में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया है। लोगों को समझाया गया है कि किसी भी प्रकार का विवाद या अभद्र भाषा का उपयोग अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
इसके साथ ही ग्राम पंचायत ने एक और सकारात्मक कदम उठाते हुए पंचायत भवन में निशुल्क लाइब्रेरी और वाचनालय की व्यवस्था भी शुरू की है। यहां सभी धर्मों और वर्गों के लोग आकर पुस्तकें पढ़ सकते हैं और अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य गांव में शिक्षा और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
पंचायत प्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रेरणादायक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गांव में किसी भी शुभ अवसर—जैसे विवाह, जन्मदिन या बच्चे के जन्म पर—एक पेड़ “मां के नाम” जरूर लगाया जाए। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।
ग्राम बोरसर की यह पहल अब अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनती नजर आ रही है, जहां सामाजिक सुधार के लिए ऐसे सख्त और सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
बुरहानपुर से संवाददाता राजवीर राठौर की रिपोर्ट