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लद्दाख में चीन के साथ तनातनी के बीच बिपिन रावत बोले- एलएसी पर बदलाव मंजूर नहीं

By: RNI Hindi Desk 
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लद्दाख में चीन के साथ तनातनी के बीच बिपिन रावत बोले- एलएसी पर बदलाव मंजूर नहीं

चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। रावत ने कहा कि हमारा रुख स्पष्ट है, हम वास्तविक नियंत्रण रेखा में कोई बदलाव स्वीकार नहीं करेंगे।

सीडीएस जनरल रावत ने बताया, चीन की पीएलए लद्दाख में अपने दुस्साहस को लेकर भारतीय बलों की मजबूत प्रतिक्रिया के कारण अप्रत्याशित परिणाम का सामना कर रही है।

बिपिन रावत ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के लगातार छद्म युद्ध और भारत के खिलाफ दुष्टतापूर्ण बयानबाजी के कारण भारत और पाकिस्तान के संबंध और भी खराब हो गए हैं। ये बातें उन्होंने नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा आयोजित डायमंड जुबली वेबिनार, 2020 में कहीं।

उन्होंने आगे कहा, सीमा पर झड़पों और बिना उकसावे के सैन्य कारवाई के बड़े संघर्ष में तबदील होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं पाकिस्तान के बारे उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पाक के लगातार छद्म युद्ध और भारत के खिलाफ दुष्ट बयानबाजी के कारण भारत और पाकिस्तान के संबंध और भी खराब हो गए हैं।

चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनात जवानों को भीषण सर्दी में इस्तेमाल होने वाले कपड़े दिए गए हैं। यह कपड़े अमेरिका से खरीदे गए हैं कि ताकि कड़ाके के सर्दी में भी जवान मुस्तैद रहे।

गर्म कपड़ों के साथ ही जवानों को एसआईजी असॉल्ट राइफल दी गई है। सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि बेहद सर्द मौसम में चुनौतियों से निपटने के लिए जवानों को खास कपड़े और हथियार दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। रावत ने कहा कि सीमा पर झड़पों और बिना उकसावे के सैन्य कारवाई के बड़े संघर्ष में तब्दील होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में हाड़ जमा देने वाली ठंड में भारत के लगभग 50,000 सैनिक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्वतीय ऊंचाइयों पर तैनात हैं। सूत्रों ने बताया है कि भारतीय सेना भीषण ठंड के लिए अपने पास करीब 60 हजार सैनिकों के हिसाब से विशेष कपड़ों का स्टॉक रखती है।

सूत्रों का कहना है कि इन सेटों में से लगभग 30,000 अतिरिक्त की आवश्यकता थी, क्योंकि एलएसी पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की आक्रामकता को देखते हुए इस क्षेत्र में 90,000 के करीब सैनिक तैनात हैं।

भीषण ठंड के मौसम में पहने जाने वाले इन कपड़ों की आपात खरीद से भारतीय सेना को काफी मदद मिलेगी। भारत ने पूर्वी लद्दाख में उपजे तनाव के बाद एलएसी पर दो अतिरिक्त डिविजन को तैनात किया है, जिन्हें मैदानी व पहाड़ी क्षेत्र से बुलाया गया है। इन जवानों को ऊंचाई वाले इलाकों में अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के लगातार छद्म युद्ध और भारत के खिलाफ दुष्टतापूर्ण बयानबाजी के कारण भारत और पाकिस्तान के संबंध और भी खराब हो गए हैं। पाकिस्तान ने सशस्त्र इस्लामी विद्रोह और आतंकवाद के केंद्र में रहना जारी रखा है।

तीन दशकों से पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई जम्मू-कश्मीर में छद्म युद्ध कर रही है। पाकिस्तान भारत के अंदर सामाजिक असहमति पैदा करने के लिए सांप्रदायिकता का झूठा प्रचार कर रहा है।

रावत ने कहा, ‘आने वाले वर्षों में, हम देखेंगे कि हमारा रक्षा उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और समग्र रक्षा तैयारियों में योगदान दे रहा है। इसके अलावा हमें अत्याधुनिक हथियार और उपकरण पूरी तरह से भारत में उपलब्ध करवा रहा है। जहां तक रक्षा सहयोग का सवाल है, हम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों के साथ आपसी विश्वास और साझेदारी बनाने में रक्षा कूटनीति का महत्व समझते हैं।’

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