रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: योगी सरकार सूबे में कहीं भी कोई कमीं बर्दाश्त नहीं कर रही है। किसानों के हितों को देखते हुए सरकार ने लापरवाही बरतने पर 5 चीनी मिलों पर बड़ी कार्रवाई की है। गन्ना आयुक्त ने रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी किया है। सरकार चीनी मिलों से जो वसूली करेगी, उसी पैसे से गन्ना किसानों को भुगतान किया जाएगा। सरकार की इस कार्रवाई पर किसानों ने खुशी जाहिर की है।
आपको बता दें कि अपर मुख्य सचिव व गन्ना एवं चीनी विभाग के आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि मोदी समूह की मलकपुर-बागपत चीनी मिल, गड़ौरा-महराजगंज चीनी मिल, सिम्भावली समूह की चिलवरिया-बहराइच चीनी मिल, बजाज समूह की इटईमैदा-बलरामपुर चीनी मिल तथा यदु समूह की बिसौली-बदायूं चीनी मिल के खिलाफ आरसी जारी की गई है। उन्होने कहा कि कई बार की नोटिस के बाद भी ये मिलें गन्ना किसानों के भुगतान में लापरवाही बरत रही थीं। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा था।
उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन भू-राजस्व के बकाया कि तरह ही चीनी मिलों से वसूली कर सकेगा, जिससे किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान कराने में मदद मिलेगी। अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चीनी मिलों को समीक्षा बैठकों एवं नोटिसों के माध्यम से जल्द भुगतान कराए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
आपको बता दें कि पेराई सत्र 2020-21 में संचालित 120 चीनी मिलों में से 36 चीनी मिलों द्वारा शत-प्रतिशत तथा 29 चीनी मिलों द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक का भुगतान गन्ना किसानों को किया जा चुका है। इनमें से 19 चीनी मिलें तो 90 प्रतिशत से अधिक का भुगतान कर चुकी हैं।
गन्ना आयुक्त ने आगे कहा कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान कराने के लिए रोजाना गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की जा रही है। गन्ना किसानों के बकाये का सौ फीसद भुगतान सरकार की प्रतिबद्धता है।