‘चलो बुलावा आया है’ हो या ‘ओ जंगल के राजा मेरी मैया को लेके आजा’ जैसे भजनों से लोगों के दिल में राज करने वाले भजन सम्राट नरेंद्र चंचल का 80 साल की उम्र में निधन हो गया है।
दोपहर 12.15 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। नरेन्द्र चंचल माता की भेटें गाने के लिए पूरी दुनिया में मशहूर थे। उन्होंने कई फिल्मों में भी भजन गायक के रूप में प्रस्तुतियां दी हैं।
नरेंद्र चंचल ने बचपन से ही अपनी मां कैलाशवती को मातारानी के भजन गाते हुए सुना। मां के भजनों को सुन-सुनकर उन्हें भी संगीत में रुची होने लगी। नरेंद्र चंचल की पहली गुरु उनकी मां थीं , इसके बाद चंचल ने प्रेम त्रिखा से संगीत सीखा, फिर वह भजन गाने लगे थे।
नरेंद्र चंचल पंजाब के अमृतसर में पैदा हुए थे। अमृतसर की नमक मंडी की गली कुत्तेयां वाली में उनका पैतृक घर है। चंचल के निधन की खबर मिलते ही गली में शोक की लहर दौड़ गई।