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MP News: सावधान बैतूल! अवैध कॉलोनियों का खुला खेल, भोपाल का कॉलोनाइजर भोली जनता को कर रहा गुमराह

जिला मुख्यालय पर खुलेआम प्रचार, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल...

By: Abhinav Tiwari 
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MP News: सावधान बैतूल! अवैध कॉलोनियों का खुला खेल, भोपाल का कॉलोनाइजर भोली जनता को कर रहा गुमराह

मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल बैतूल जिले में एक बार फिर अवैध कॉलोनियों का मामला खुलकर सामने आया है। आरोप है कि बाहर से आए बिल्डर नियमों को ताक पर रखकर यहां बिना वैधानिक अनुमति कॉलोनी का प्रचार कर रहे हैं और भोली-भाली जनता को भ्रामक दावों के जरिए गुमराह किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब जिला मुख्यालय के बीचों-बीच हो रहा है, फिर भी जिम्मेदार विभाग अब तक खामोश नजर आ रहे हैं।

कलेक्ट्रेट रोड पर टेंट लगाकर अवैध कॉलोनी का प्रचार

मामला बैतूल जिला मुख्यालय का है, जहां जिला उद्योग कार्यालय के ठीक सामने, मुख्य मार्ग पर टेंट लगाकर अवैध कॉलोनी का खुलेआम प्रचार किया जा रहा है। इसी मार्ग पर कलेक्ट्रेट सहित कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं, इसके बावजूद बिना रोक-टोक यह गतिविधि जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने संवेदनशील इलाके में अवैध प्रचार होना प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

न रेरा पंजीयन, न सक्षम प्राधिकरण की अनुमति

जानकारी के मुताबिक, भोपाल का एक कॉलोनाइजर-जो कथित तौर पर किसी लोधी बिल्डर से जुड़ा बताया जा रहा है-बैतूल में बिना रेरा पंजीयन और बिना किसी सक्षम प्राधिकरण की स्वीकृति के कॉलोनी का प्रचार कर रहा है। प्रचार के दौरान बांटे जा रहे पाम्पलेट्स में “टीएनसीपी अप्रूव्ड” होने का दावा किया जा रहा है, जबकि मौके पर अनुमति से जुड़े कोई दस्तावेज दिखाए नहीं जा सके।

दस्तावेज मांगने पर टालमटोल, प्रचारक भी अनजान

जब कॉलोनी की वैधता को लेकर जानकारी मांगी गई, तो न तो बिल्डर कोई प्रमाण प्रस्तुत कर पाया और न ही प्रचार में लगे लोगों को यह स्पष्ट जानकारी थी कि कॉलोनी वैध है या अवैध। इससे आशंका और गहराती है कि आमजन को जानबूझकर भ्रमित किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों की चेतावनी: पहले भी ठगे जा चुके लोग

स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि बैतूल जैसे जिले में बाहरी बिल्डर पहले भी इसी तरह झूठे सपने दिखाकर लोगों को फंसाते रहे हैं। बाद में जब कानूनी अड़चनें आती हैं, तो खरीदार अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटकते हैं। आदिवासी और ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों को निशाना बनाना सबसे गंभीर चिंता है।

प्रशासनिक चुप्पी या संरक्षण?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने खुलेआम हो रहे अवैध प्रचार पर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ रही? क्या यह लापरवाही है या फिर किसी संरक्षण का खेल? नागरिकों ने मांग की है कि तत्काल जांच कर अवैध कॉलोनाइजर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आगे किसी के साथ ठगी न हो।

अब कार्रवाई होगी या चलता रहेगा खेल?

अब देखना यह है कि इस मामले के उजागर होने के बाद मध्य प्रदेश का जिला प्रशासन क्या कोई ठोस कदम उठाता है या फिर यूं ही अवैध कॉलोनाइजर बैतूल की जनता को गुमराह करते रहेंगे। नागरिकों ने प्रशासन से त्वरित जांच, प्रचार पर रोक और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

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