शहर में चल रहे सीवरेज निर्माण कार्य को लेकर बड़वानी नगर पालिका परिषद के सभागृह में आयोजित विशेष बैठक हंगामेदार रही। बैठक में सीवरेज कार्य में देरी, घटिया गुणवत्ता, समय पर दुरुस्ती नहीं होने और निर्माण कंपनी की मनमानी को लेकर पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध जताया। विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष द्वारा अब तक हुए कार्य की गुणवत्ता रिपोर्ट मांगे जाने पर माहौल काफी गरमा गया।
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष राकेशसिंह जाधव ने सीवरेज कार्य की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की। इस पर एमपीयूडीसी के अधिकारी ने यह कहकर असमर्थता जताई कि रिपोर्ट हजार-डेढ़ हजार पृष्ठों की होती है और इसका खर्च कौन देगा। इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष भड़क गए और मौके पर ही नकद राशि निकालकर अधिकारी को देते हुए सत्यापित रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की।
वर्तमान में शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में सीवरेज लाइन डालने और चेंबर निर्माण का कार्य जारी है। इसके चलते व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पेयजल लाइन बार-बार टूट रही है, वहीं निर्माण कंपनी, नगर पालिका और अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी भी साफ नजर आ रही है। इस मुद्दे पर पार्षदों ने निर्माण कंपनी और एमपीयूडीसी अधिकारियों को जमकर आड़े हाथों लिया।
बैठक में नपा अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी सोनाली शर्मा ने सीवरेज निर्माण कंपनी को सख्त निर्देश दिए कि सामने आ रही सभी समस्याओं का सात दिन के भीतर निराकरण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि काम में तेजी लाई जाए, गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और पेयजल लाइनों के पास कार्य अत्यंत सावधानी से किया जाए। लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शाम 5 बजे शुरू हुई यह बैठक रात करीब 8 बजे तक चली। इस दौरान वार्डवार वन-टू-वन समस्याओं पर चर्चा कर संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को अवगत कराया गया। बैठक में पार्षद, जनप्रतिनिधि, सीवरेज निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि और एमपीयूडीसी के अधिकारी मौजूद रहे।
नेता प्रतिपक्ष राकेशसिंह जाधव ने कहा कि परिषद में इस तरह की बैठक हर माह होनी चाहिए, लेकिन चार माह बाद बैठक आयोजित की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठकों में सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। पूर्व बैठकों में मांगी गई गुणवत्ता जांच रिपोर्ट आज तक नगर पालिका को उपलब्ध नहीं कराई गई, जो गंभीर सवाल खड़े करती है।
सीवरेज निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर दीपेंद्र गोर ने कहा कि जिन स्थानों पर समस्याएं सामने आ रही हैं, वहां निराकरण कराया जा रहा है। कुछ जगह हाउस चेंबर निर्माण के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनकी मरम्मत की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नपा और परिषद के साथ समन्वय बनाकर निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण किया जाएगा। यह बैठक शहर में सीवरेज परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।