(बरेली से दीपक कुमार की रिपोर्ट)
बरेली के तहसील मीरगंज के गांव जिया नगला में 11000 विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक युवती आ गई। गांव वालों ने देसी उपचार के माध्यम से दो घंटे बालू में दबाकर जान बचा ली। मामला थाना शीशगढ़ के गांव नगला का है। बीते रविलार को शरीफ अहमद की पुत्री नाजमा गांव के ही पास अपनी चाची और मम्मी के साथ उपले पाथने गई थी।
इसी बीच ग्यारह हजार विद्युत ट्रांसफार्मर के तार के माध्यम से करंट जमीन में प्रभावित हो गया और वहीं, करंट की चपेट में युवती आ गई। करंट लगने के बाद वह अचेत होकर मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई, गांव वालों ने बताया कि, यदि डॉक्टर के पास जाते तब तक कोई अनहोनी हो जाती। बुजुर्गों के कहने पर उसको गांव में निर्माण हो रहे मकान के लिए लाए बालू में दो घंटे तक दबाए रखा।
जिससे उसकी हालत में सुधार हुआ, बाद में उपचार हेतु उसको डॉक्टर के पास ले जाया गया। देशी उपचार के द्वारा जान बचाने की चर्चा हैं, इस मामले में ग्राम प्रधान पुत्र प्रदीप का कहना है कि, गांव में विद्युत व्यवस्था चरमराई हुई है। 11,000 बिजली की लाइन जर्जर अवस्था में गांव की गलियों में लटक रहे तार मौत को दावत दे रहे है।
साथ ही उसने बताया कि, आए दिन गांव में हादसे होते रहते हैं, विगत दिनों रामबाबू रामपाल की भैंस भी चपेट में आ गई थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कई बार गेहूं की फसलें भी जलकर नष्ट हो चुकी हैं, शिकायत करने के बाद विभाग ने इस समस्या को ध्यान नहीं दिया फिलहाल गांव में बिजली के भय में ग्रामीण जीने को मजबूर हैं।