रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच खेला जाना था। दिन था मंगलवार तारीख 3 मार्च और साल था 2009, मेहमान श्रीलंका दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खेलने के लिए स्टेडियम की ओर बढ़ रही थी। लेकिन रास्ते में ही खेलों के इतिहास का सबसे काला अध्याय लिख दिया गया। जी हां आज के ही दिन 12 साल पहले पाकिस्तान दौरे पर गई श्रीलंकाई टीम पर आतंकियों ने लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के बाहर जानलेवा हमला किया था। जो आज भी सबके मन में एक डर लिए बैठा है।

आपको बता दें कि दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन सुबह श्रीलंकाई टीम बस से गद्दाफी स्टेडियम के लिए निकली थी। हमले से बेखबर सभी खिलाड़ी मैच के बारे में सोच रहे थे। तभी नकाबपोश 12 आतंकियों ने बस पर पर हमला कर दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। ताबड़तोड़ फायरिंग के बीच बस का ड्राइवर सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह सभी खिलाड़िंयों को जिंदा बचाने में कामयाब हो गया।
इस आतंकी हमले में टीम के कप्तान महेला जयवर्धने, विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा, अजंता मेंडिस, थिलन समरवीरा और थरंगा परावितारना गंभीर रुप से जख्मी हो गए थे। इस हमले में 6 सुरक्षाकर्मियों और दो नागरिकों सहित कुल 8 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-झांगवी ने लिया था। अगस्त 2016 में इस हमले में शामिल रहे तीन आतंकियों को लाहौर में पुलिस ने मार गिराया। इसके बाद अक्टूबर में इस हमले का मास्टरमाइंड एक मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान ईस्टर्न अफगानिस्तान में मारा गया।
आपको बता दें कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर हुए हमले के बाद कोई भी टीम पाकिस्तान जाने को तैयार नहीं होती थी। लेकिन हमले के 10 साल बाद दिसंबर 2019 में श्रीलंकाई टीम ने फिर से पाकिस्तान का दौरा किया और दो टेस्ट मैचों की इस सीरीज का पाकिस्तान में आतंकी हमले के बाद क्रिकेट की वापसी के तौर पर याद किया गया।

आपको बता दें कि साल 1972 के म्यूनिख ओलिंपिक के बाद से ये पहला मामला था, जब आतंकियों ने खासतौर पर खिलाडि़यों को निशाना बनाया था। इससे पहले 1972 में फलस्तीनी आतंकियों ने 11 इजरायली एथलीट को मौत के घाट उतारा था। हमले के बाद लाहौर टेस्ट रद्द घोषित कर दिया गया और श्रीलंकाई टीम की दौरा बीच में खत्म कर सुरक्षित टीम को उसके देश वापसी कराई गई।