Home Breaking News राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को वायु प्रदूषण स्तर गंभीर श्रेणी में, बवाना में 447 तक पहुंचा एक्यूआई

राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को वायु प्रदूषण स्तर गंभीर श्रेणी में, बवाना में 447 तक पहुंचा एक्यूआई

1 second read
0
13

राजधानी दिल्ली के लोगों को शुक्रवार लगातार दूसरे दिन प्रदूषण का ‘गंभीर’ दंश झेलना पड़ा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी  के आंकड़ों के अनुसार पराली के धुएं और हवा की गति कम होने से राजधानी दिल्ली में आज प्रदूषण स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है।

वायुमंडल में प्रदूषकों के बढ़ने के साथ राष्ट्रीय राजधानी में वायु की गुणवत्ता बिगड़ती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार आनंद विहार, बवाना, पटपड़गंज और वज़ीरपुर में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है।

कमेटी के अनुसार आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक 408, बवाना में 447, पटपड़गंज में 404 और वज़ीरपुर में 411 रिकॉर्ड हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सभी चार जगह गंभीर श्रेणी में हैं।

इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रदूषण स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया था। शाम चार बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 402 दर्ज किया गया। दिनभर छाए रहे स्मॉग के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

केंद्र के वायु चेतावनी व्यवस्था के अनुसार, बुधवार को पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश समेत पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की करीब तीन हजार घटनाओं का सीधा असर दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर पश्चिम भारत की हवा पर पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में हवा की अधिकतम गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा। यही वजह है कि इन दिनों प्रदूषण में बढ़ोतरी हो रही है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, बुधवार को पराली जलने की वजह से पीएम 2.5 का स्तर 18 फीसदी दर्ज हुआ था, जबकि मंगलवार को यह 23 फीसदी, सोमवार को 16, रविवार को 19 और शनिवार को नौ फीसदी रहा था।

सफर के अनुसार, स्थानीय प्रदूषण के कारण और उत्तर पश्चिम दिशा की ओर से आने वाली हवा के साथ आ रहे पराली के धुएं की वजह से राजधानी में पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा है।

दिल्ली के ‘पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली जलाए जाने से निकलने वाले प्रदूषकों की हिस्सेदारी गुरुवार को बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई, जो इस मौसम में सर्वाधिक है। केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ने यह जानकारी दी। ‘पीएम 2.5 वायु में मौजूद 2.5 माइक्रोमीटर से कम व्यास के कण हैं।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ‘सफर’ के मुताबिक, पड़ोसी राज्यों में खेतों में पराली जलाए जाने की 2,912 घटनाएं बुधवार को दर्ज की गईं, जो इस मौसम में सर्वाधिक हैं। यह संकेंद्रण बुधवार को 18, मंगलवार को 23 और सोमवार को 16, रविवार को 19 और शनिवार को नौ प्रतिशत था।

 

उल्लेखनीय है कि वायु गुणवत्ता को शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 तक को ‘खराब’ और 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ तथा 401 से 500 तक को ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

Load More In Breaking News
Comments are closed.