1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. जल संकट के बीच पन्ना वनमंडल की अनोखी पहल, 225 झिरियाओं को मिला नया जीवन

जल संकट के बीच पन्ना वनमंडल की अनोखी पहल, 225 झिरियाओं को मिला नया जीवन

पन्ना के दक्षिण पन्ना वनमंडल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बड़ी पहल करते हुए 225 प्राकृतिक झिरियाओं को पुनर्जीवित किया है। रैपुरा रेंज में रामडोल और दाने बाबा झिरिया सहित कई जलस्रोतों की सफाई और गहरीकरण किया गया, जिससे गर्मी में पानी की उपलब्धता बनी हुई है। इस प्रयास से वन्यजीवों, पक्षियों और जैव विविधता को राहत मिली है और क्षेत्र में पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हुआ है।

By: Nivedita 
Updated:
जल संकट के बीच पन्ना वनमंडल की अनोखी पहल, 225 झिरियाओं को मिला नया जीवन

पन्ना के दक्षिण पन्ना वनमंडल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक सराहनीय पहल करते हुए प्राकृतिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया है। भीषण गर्मी के बीच जहां जल संकट गहराता जा रहा है, वहीं इस प्रयास से वन्यजीवों और पक्षियों को बड़ी राहत मिली है।

225 प्राकृतिक झिरियाओं का किया गया पुनर्जीवन

रैपुरा रेंज के अंतर्गत रामडोल झिरिया और दाने बाबा झिरिया सहित करीब 225 प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई, गहरीकरण और मरम्मत कर उन्हें फिर से जीवित किया गया है। इससे सूखने की कगार पर पहुंचे कई जलस्रोतों में अब भी पानी उपलब्ध है।

जैव विविधता को मिला नया जीवन

इन जलस्रोतों के पुनर्जीवन से क्षेत्र की जैव विविधता को भी मजबूती मिली है। यहां मधुमक्खियों के प्राकृतिक छत्ते, पक्षियों के घोंसले और विभिन्न वन्यजीवों की सक्रिय मौजूदगी देखी जा रही है। किंगफिशर, मोर, उल्लू, बाज और अन्य कई पक्षी अब इन क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से रह रहे हैं।

गर्मी में पक्षियों और जीवों को मिला सहारा

वन विभाग के इस प्रयास से छोटे जीवों, तितलियों और मधुमक्खियों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। पहले जहां गर्मियों में ये जलस्रोत सूख जाते थे, अब उनमें लंबे समय तक पानी बना रहने से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को लाभ मिल रहा है।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...