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अजित डोभाल की चहेती ‘स्नूपी’ हुई रिटायर, खतरा सूंघने में बेमिसाल, NSA भी करते थे सैल्यूट

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : 10 साल की सेवा देने के बाद सीआईएसएफ के डॉग स्कवॉयड में शामिल ‘स्नूपी’ रिटायर हो गई, जो NSA चीफ अजित डोभाल की भी चहेती थी। बताया जाता है कि स्नूपी में विस्फोटक को सूंघने की गजब की शक्ति थी। यह 10 सालों से आईजीआई एयरपोर्ट पर अपनी सेवाएं दे रही थी। जब भी एनएसए डोभाल दिल्ली एयरपोर्ट से कहीं आते-जाते थे और उस दिन इसकी ड्यूटी होती थी, तब स्नूपी उन्हें देखकर जोश के साथ सैल्यूट करती थी। इसके जवाब में एनएसए भी इसे सैल्यूट करते थे।

‘कॉकर स्पैनियल’ ब्रीड की डॉगी स्नूपी दिल्ली एयरपोर्ट पर विस्फोटक का पता लगाने वाले सीआईएसएफ के डॉग स्क्वॉयड में गजब की फुर्तीली थी। इसके बारे में बताया जाता है कि अपनी 10 साल की सेवाओं में यह कभी भी गंभीर रूप से तो क्या, साधारण रूप से भी बीमार नहीं हुई। 10 सालों में शायद ही इसे दवाई-गोली की जरूरत पड़ी हो। इसके हैंडलर ने इसकी देखभाल ऐसे की जैसे कि यह उनके परिवार की ही सदस्य हो।

स्नूपी के बारे में यह भी बताया जाता है कि यह कभी थकती नहीं थी। इसकी सूंघने और काम करने की गजब की ताकत के चलते यह डॉग स्क्वॉयड में सबकी चहेती थी। सीआईएसएफ अधिकारियों ने बताया कि अपनी छह महीने की ट्रेनिंग के बाद जब करीब एक दशक पहले इसे एयरपोर्ट पर विस्फोटक सूंघने वाली सर्विस में लगाया गया, तब से ही यह अपना काम बड़े ही बेहतरीन तरीके से करती थी। ट्रेनिंग के दौरान भी विस्फोटक को कहीं भी छुपा देने पर यह पलभर में उसका पता लगा लेती थी।

चूंकि 10 साल की सेवाओं के बाद डॉग को रिटायर करना पड़ता है, इस वजह से इसे रिटायर किया गया। वरना, स्नूपी को जानने वालों का कहना है कि इसकी परफॉर्मेंस आज भी शानदार है। इसके सूंघने और समझने की शक्ति के डॉग स्क्वॉयड में ही नहीं, बल्कि अन्य तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी कायल थे। सूत्रों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि डॉग स्क्वॉयड में बाकी डॉग इससे कमतर हैं। लेकिन स्नूपी की बात ही कुछ और थी। इसके काम करते हुए कभी ना थकने, बीमार ना होने और चंद मिनटों में ही छिपाए गए विस्फोटक का पता लगाने के चलते ही यह सभी की प्यारी थी। एयरपोर्ट पर भी हमेशा जब भी कोई संवेदनशील मामला होता था, तब इसकी सेवाएं भी जरूर ली जाती थीं।

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