पन्ना-छतरपुर के बीच बन रही केन-बेतवा लिंक परियोजना और रुंझ डैम परियोजना से प्रभावित किसानों का आंदोलन अब तेज हो गया है। एक माह से जारी प्रदर्शन को अब आदिवासी बाहुल्य गांवों का समर्थन मिलने लगा है। प्रशासन द्वारा धारा 144 लगाने और दिल्ली कूच से रोकने के बाद किसान दोढ़न डैम पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच गांव-गांव में सांकेतिक चूल्हा बंद कर आदिवासी किसानों ने समर्थन जताया है। जिससे आंदोलन को नई मजबूती मिलती नजर आ रही है।
दरअसल पन्ना जिला मुख्यालय पर आंदोलन धरना प्रदर्शन पर रोक लगने के बाद किसान अब दोढ़न डैम पर जुटकर अपनी मांगें उठा रहे हैं। इस आंदोलन को अब आसपास के आदिवासी गांवों का भी व्यापक समर्थन मिलने लगा है। आदिवासी बाहुल्य गांव मनोर और जनवार में आदिवासी घरों में एक दिन का सांकेतिक चूल्हा बंद कर प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन किया।
आदिवासी संगठनों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के बावजूद उन्हें उचित मुआवजा और पैकेज नहीं मिला। साथ ही मुआवजा वितरण प्रणाली में जानकारी छिपाने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वे आंदोलन में पूरी ताकत से पीड़ितों के साथ शामिल होंगे।
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट