पश्चिम बंगाल की राजनीति से बड़ी खबर आई है। टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Z श्रेणी सुरक्षा दे दी है। अब शुभेंदु अधिकारी कि सुरक्षा में CRPF के जवान तैनात होंगे।
शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। उन्होंने पिछले महीने 27 नवंबर को परिवहन मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा था कि मेरी पहचान यह है कि मैं पश्चिम बंगाल और भारत का बेटा हूं। मैं हमेशा बंगाल के लोगों के लिए लडूंगा।
केवल इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी नेतृत्व को एक संदेश भी भेजा था। इसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी में रहकर अब काम करना संभव नहीं है। अधिकारी को जनाधार वाला एक प्रभावशाली नेता माना जाता है। उनका इस्तीफा ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी के बाद ममता कैबिनेट से राजीव बनर्जी पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं। हाल ही में उन्होंने आरोप लगाया कि नेतृत्व से करीबी संबंध रखने वालों को महत्व दिया जाता है, जबकि मेहनती कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राजनीति में आजकल कुछ ऐसे लोग हैं जो सत्ता का आनंद लेना चाहते हैं और लोगों की सेवा करना उनका लक्ष्य नहीं है।
आप को बता दे कि इसके पहले शुभेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस की जेड कैटेगरी की सुरक्षा छोड़ दी थी। इसी की समीक्षा के बाद आईबी ने शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट दी थी। जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल के तीन और नेताओं को जल्द सुरक्षा मिल सकती है।
10 दिसंबर को भाजपा अध्यक्ष के काफिले पर डायमंड हार्बर इलाके में पथराव किया गया था, जिसकी वजह से काफिले में शामिल कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। सूत्रों ने बताया कि इस हमले में विजयवर्गीय और भाजपा उपाध्यक्ष मुकुल रॉय को चोटें आई थीं।
बता दें कि नड्डा को भी ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) मुहैया कराता है और उन्हें भी बुलेट प्रूफ कार यात्रा करने के लिए मिली हुई है। जेपी नड्डा के काफिले पर जिस हमले से विवाद शुरू हुआ था, कैलाश विजयवर्गीय घायल हो गए थे।
वैसा दोबारा ना हो, इसलिए केंद्र सरकार ने कैलाश विजयवर्गीय को बुलेट प्रूफ कार के साथ Z क्लास की सुरक्षा दी है। बता दें कि हाल ही में शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार से अपना इस्तीफा दे दिया था।
वहीं पिछले सप्ताह ममता बनर्जी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले अधिकारी ने पूर्वी मिदनापुर जिले के तामलुक उप-मंडल में पार्टी के बैनरों और झंडों के बिना एक रैली का आयोजन किया, जिसमें उनके समर्थक राष्ट्रध्वज थामे नजर आए।