रिपोर्ट: सत्यम दुबे
आगरा: कभी भ्रष्टाचार में लिप्त आगरा विकास प्राधिकरण ADA की स्थिति काफी खराब थी। हालात तो ये हो गये थे कि ADA को भ्रष्टाचार के लिए जाना जाने लगा था। लेकिन जबसे ADA की कमान डॉ राजेंद्र पेंसिया को सौंपी गई है। आगरा विकास प्रधिकारण ADA की तस्वीर बदल गई है। ADA के उपाध्यक्ष डॉ राजेंद्र पेंसिया के उपाध्यक्ष बनते ही यहां की स्थिति बदल गई। इस बात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि ADA उपाध्यक्ष डॉ राजेंद्र पेंसिया ग्रेटर आगरा बनाने जा रहें हैं।
आपको बता दें कि आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) प्रशासन ने ग्रेटर आगरा के लिए एजेंसी के चयन का काम शुरू कर दिया है। इस प्रतिस्पर्धा में स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली इस रेस में सबसे आगे है। इसी हफ्ते इसे लेकर अहम बैठक होने जा रही है। ADA प्रशासन एत्मादपुर मदरा और रायपुर गांव की 612 हेक्टेअर जमीन पर नया शहर बसाने की तैयारी है। इसमें 50 गज से लेकर 300 गज तक के भूखंड होंगे। इसे विकसित करने में एडीए के 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
ADA के इनर रिंग रोड के सहारे दो गांवों में नया शहर बसने से क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। नया शहर रोड से कुछ दूरी पर है। यह पहला मौका है जब एडीए द्वारा इस तरीके की कालोनी को विकसित किया जाएगा। ग्रेटर आगरा में स्कूल से लेकर स्वीमिंग पूल तक होगा। इसका भव्य द्वार बनाया जाएगा। द्वार से कुछ दूरी पर सबसे पहले बड़े भूखंड और फिर उससे छोटे भूखंड होंगे।
ADA उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि ग्रेटर आगरा के लिए एजेंसी के चयन का काम शुरू हो गया है। स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सदस्यों के साथ बैठक भी हो चुकी है। इसी सप्ताह फिर से बैठक होने जा रही है जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।