बैतूलः ग्राम पंचायत ढोडरामऊ के रामापुरा में आयोजित जय श्री खारदेव बाबा मेले ने इस बार परंपरा और खेल के अनोखे संगम से पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
मेले के अंतर्गत आयोजित आदिवासी चिटकोरा कार्यक्रम और डे-नाइट कबड्डी प्रतियोगिता ने न केवल ग्रामीणों में उत्साह का संचार किया बल्कि आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक भी प्रस्तुत की।
चिटकोरा प्रतियोगिता में विभिन्न मंडलों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया, जहां धुत्तापूरा, धारनमऊ, रामापूरा, खरवार, आमढाना, टिमरनी, रूमाकोल, पाट, चादकिया, पिपरिया और बाड़चापड़ा मंडलों के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में सामूहिक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर प्रस्तुतियों ने आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया। वहीं डे-नाइट कबड्डी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दमखम का शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबलों को रोमांचक बना दिया। तेज रेड, मजबूत पकड़ और रणनीतिक खेल ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। हर मैच के साथ उत्साह अपने चरम पर पहुंचता नजर आया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, जनपद सदस्यों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन समिति के कुशल प्रबंधन और जनसहभागिता से यह आयोजन भव्य और सफल रहा, जिसमें खेल और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
बैतूल से संवाददाता कमलाकर तायवाड़े की रिपोर्ट