मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने 18 जनवरी (रविवार) को 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की है। इस प्रशासनिक बदलाव में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी बदली गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस तबादले में वरिष्ठ सचिवों पर भरोसा जताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण विभागों की कमान सौंपी है।
इस फेरबदल में धनराजू को कमिश्नर, स्वास्थ्य सेवाएं नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग में तीन अधिकारियों-IAS धनराजू, राहुल हरिदास और दिशा नागवंशी-की पदस्थापना से यह स्पष्ट है कि सरकार इस विभाग के विस्तार और मजबूती को प्राथमिकता दे रही है।

शिवशेखर शुक्ला को अब अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग बनाया गया है। इससे पहले वे संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग सहित अन्य जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। उन्हें संस्कृति विभाग तथा आयुक्त-सह-संचालक, स्वराज संस्थान और न्यासी सचिव, भारत भवन का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
उमाकांत उमराव अब केवल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव होंगे। पहले उनके पास खनिज साधन विभाग का भी प्रभार था। वहीं आलोक कुमार सिंह को सचिव, मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

अनय द्विवेदी, जो अब तक मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक थे, को आयुक्त, वाणिज्यिक कर (इंदौर) की जिम्मेदारी दी गई है।
निधि निवेदिता को आयुक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन की मिशन संचालक और महिला वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगी।

इंदौर में दूषित पानी के मामले के बाद नगर निगम कमिश्नर पद से हटाए गए दिलीप यादव को नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अब मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPTDC) का प्रबंध संचालक बनाया गया है।
इस ट्रांसफर लिस्ट में यह स्पष्ट नजर आता है कि ACS और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों की कमी के चलते मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वरिष्ठ सचिवों पर भरोसा जताया है। प्रमुख सचिव से नीचे स्तर के कई सचिवों को पहली बार स्वतंत्र रूप से विभागों का प्रभार सौंपा गया है। इनमें प्रमुख रूप से शोभित जैन, स्वतंत्र कुमार सिंह, इलैयाराजा टी, जॉन किंग्सले, आलोक सिंह और श्रीमन शुक्ला जैसे अधिकारी शामिल हैं।

कृषि वर्ष के महत्व और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता को देखते हुए मत्स्य, उद्यानिकी और पशुपालन जैसे कृषि से जुड़े विभागों को स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। इन विभागों में अब बिना किसी अतिरिक्त प्रभार के अधिकारी काम करेंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर यह तबादला सूची राज्य सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं को दर्शाती है। स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और राजस्व जैसे विभागों पर विशेष फोकस किया गया है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल से शासन की कार्यक्षमता और नीति क्रियान्वयन में तेजी आएगी।