मध्यप्रदेश सरकार ने 09 दिसंबर 2025 की मंत्रिपरिषद बैठक में प्रदेश के अवसंरचनात्मक, औद्योगिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए विशेष औद्योगिक पैकेज सबसे बड़ा आकर्षण रहा, जिसके माध्यम से क्षेत्र में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
बुंदेलखंड विशेष औद्योगिक पैकेज: 24,240 करोड़ का निवेश, 29,100 को मिलेगा रोजगार
मंत्रिपरिषद ने सागर जिले के मसवासी औद्योगिक क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा पैकेज स्वीकृत किया है। इस पैकेज के अंतर्गत-
कुल अनुमानित निवेश: ₹24,240 करोड़
रोजगार सृजन: लगभग 29,100 व्यक्तियों को
कुल भूमि: 608.93 हेक्टेयर
अवसंरचना विकास व्यय: ₹539.54 करोड़ (पाँच वर्षों में)
नए औद्योगिक यूनिट: 42 इकाइयों की स्थापना

₹1 प्रति वर्गमीटर टोकन भूमि मूल्य
₹1 प्रति वर्गमीटर वार्षिक भूभाटक
20 वर्षों तक विकास शुल्क में छूट
स्टांप एवं पंजीयन शुल्क में 100% छूट
उत्पादन शुरू होने पर 5 वर्ष तक विद्युत शुल्क में छूट
यह पैकेज बुंदेलखंड क्षेत्र को औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने हेतु 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर आधारित 397.54 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई।
इससे जिला स्तर पर फायर स्टेशनों का विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन क्षमता बढ़ेगी।
प्रदेश सरकार ने सागर–दमोह मार्ग (76.680 किमी) को 4-लेन विद पेव्ड शोल्डर में अपग्रेड करने की स्वीकृति दी है। परियोजना में-
13 अंडरपास
3 बड़े पुल
9 मध्यम पुल
1 ROB
55 से अधिक जंक्शन विकसित किए जाएंगे। यह परियोजना बुंदेलखंड-महाकौशल क्षेत्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक गतिविधियों को गति देगी।
बैठक में 600 युवाओं को दो वर्षों में जापान और जर्मनी में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड (SIB) मॉडल को मंजूरी मिली। यह योजना युवाओं को अंतरराष्ट्रीय कौशल और रोजगार के अवसर प्रदान करेगी।
प्रदेश में तीसरा चीता आवास विकसित होगा
सागर जिले के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व को तीसरे चीता आवास के रूप में विकसित किया जाएगा। कूनो और गांधी सागर में पहले से चीते मौजूद हैं। जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8 नए चीते आने की संभावना है।

प्रदेश के 12 स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन को मंजूरी दी गई है, जिनमें-
345 नियमित पद
3 संविदा पद
136 आउटसोर्सिंग स्टाफ स्वीकृत किए गए हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार होगा।
राज्य में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने हेतु तीन नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए-
990 नियमित पद
615 आउटसोर्सिंग पद स्वीकृत किए गए हैं।
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा तहसील में स्थित झापननाला परियोजना से 17 गांवों के 3600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। यह कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने में अहम योगदान देगा।
विकास की नई धारा की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश
09 दिसंबर की मंत्रिपरिषद बैठक में लिए गए फैसले-
औद्योगिक क्रांति,
अवसंरचना विस्तार,
कौशल विकास,
स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन,
सिंचाई और कृषि सुधार को एक नई गति प्रदान करेंगे।
विशेष रूप से बुंदेलखंड का 24,240 करोड़ का पैकेज क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय लिखेगा और आने वाले वर्षों में रोजगार एवं उद्योगों को नई ऊँचाइयाँ देगा।