रिपोर्ट: सत्यम दुबे
अलीगढ़: यूपी के अलीगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर लोगो को भी सीख लेनी चाहिए। जिले के कस्बा अकराबाद के नानऊ गांव के लोगों ने ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे जान हर कोई तारीफ कर रहा है। अलीगढ़-कानपुर नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण में बाधा बन रही 100 साल पुरानी ईदगाह को गांव वालों ने खुद हटाने का फैसला किया है।
आपको बता दें कि अब गांव में ही ग्रामसभा की जमीन पर ईदगाह बनाई जाएगी। इससे पहले भी इसी हाईवे निर्माण के लिए गांव पनैठी के लोगों ने इसी तरह से मस्जिद हटाए जाने पर सहमित दी थी। NH-91 के अंतर्गत अलीगढ़-कानपुर सेक्शन का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस हाईवे को चौड़ीकरण कर फोरलेन व सिक्सलेन करने के लिए काम जारी है।
चौड़ीकरण के लिए जिले के गांव बौनेर से गोपी तक करीब 15 गांवों की 53 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। इसके जिसके बाद सरकार करीब डेढ़ अरब का मुआवजा वितरित किया है। आपको बता दें हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन में अकराबाद के ग्राम नानऊ में करीब 100 साल पुरानी ईदगाह भी चौड़ीकरण में अधिग्रहित जमीन की जद में आ गई। इसके बाद NH व भूमि अध्यापित विभाग के अधिकारियों ने धार्मिक स्थल होने के कारण स्थानीय लोगों से संपर्क किया।
गांव के पूर्व प्रधान नजीर व अजमेरी खां सहित 17 लोगों ने प्रशासन को गाटा संख्या-840 में स्थित ईदगाह को स्वयं ही स्थानान्तरण करने के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा। जिसके बाद चौड़ीकरण के कार्य को आगे बढ़ाते हुए ईदगाह को शिफ्ट करने का कार्य प्रशासन द्वारा शुरू कर दिया गया है।
आपको बता दें कि नई ईदगाह बनाए जाने के लिए गांव में अभी तक जमीन का निर्धारण नहीं हो सका है। गांव वालों ने डीएम चंद्रभूषण सिंह के सामने ईदगाह के लिए जमीन दिए जाने को पत्र सौंपा, जिसके बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि अलीगढ़-कानपुर के चौड़ीकरण के लिए ग्राम नानऊ में ईदगाह शिफ्ट कराए जाने के संबंध में गांव के लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया था। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।