Home mumbai एंटीलिया मामला: सचिन वाजे और मृतक मनसुख हिरेन के बीच हुई थी 10 मिनट बात, जानें कब-कहां

एंटीलिया मामला: सचिन वाजे और मृतक मनसुख हिरेन के बीच हुई थी 10 मिनट बात, जानें कब-कहां

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में उस वक्त हड़कंप मच गया जब, एशिया के सबसे बड़े धनपति और देश के सबसे बड़े उद्योगपति अनिल अंबानी के घर एंटीलिया के सामने बीते 25 फरवरी को एक अज्ञात कार खड़ी मिली। पुलिस ने जब सूचना पाकर कार की ज़ॉच की तो उस कार से एक धमकी भरा पत्र मिला। जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय जॉच एंजेंसी को जॉच सौंपी गई।

NIA ने जब अपने तरीके से जॉच शुरु की तो इसमें महाराष्ट्र पुलिस अधिकारी सचिन वाजे का नाम सामने आया, जिससे सभी होश उड़ गये। केंद्रीय जॉच एजेंसी NIA ने पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को गिरफ्तार कर लिया है। NIA ने सचिन वाजे के खिलाफ 120 (बी), 286, 465, 473, 506(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

NIA की जॉच में पता चला कि 17 फरवरी को पुलिस अधिकारी सचिन वाजे और मृतक मनसुख हिरेन के बीच 10 मिनट तक मुलाकात हुई थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की मानें तो NIA के सूत्रों से पता चला है कि 17 फरवरी को सचिन वाझे और मनसुख के बीच दस मिनट तक बातचीत हुई थी। आपको बता दें कि गुरुवार को सचिन वाझे की ओर से कथित तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली एक और लग्जरी कार जब्त की गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो एंटीलिया मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद एनआईए और एटीएस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि 17 फरवरी को मनसुख और सचिन वाझे के बीच जीपीओ के पास मर्सिडीज के अंदर 10 मिनट तक बातचीत हुई थी। आपको बता दें कि एजेंसियों ने यहां तक खुलासा कर दिया कि साउथ मुंबई के इस इलाके में हिरेन एक ओला कैब से आए थे।  आपको बता दें कि बीते दिनों मनसुख की मौत हो गई थी।

सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि सचिन वाजे मुंबई पुलिस मुख्यालय स्थित अपने ऑफिस से अपनी मर्सिडीज में निकले। इसके बाद उनकी कार छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के मेन ट्रैफिक सिग्‍नल पर भी दिखी। सिग्‍नल ग्रीन होने के बाद उनकी गाड़ी वहां से नहीं निकली, सचिन ने अपनी कार की पार्किंग लाइट ऑन कर रखी थी।

इसके सीसीटीवी में दिखा कि हिरेन सड़क पार कर रहे थे। हिरेन सड़क पार कर उसी मर्सिडीज में बैठ गए। जिसके पुलिस अधिकारी सचिन वाझे चला रहे थे। इसके बाद मर्सिडीज को दोबारा से जीपीओ के पास ओपोजिट साइड में पार्क करते देखा गया। आपको बता दें कि दस मिनट तक गाड़ी वहां पार्क थी। 10 मिवट बाद हिरेन कार से उतरकर चले गए। फिर उसी गाड़ी को फिर पुलिस मुख्यालय में एंटर करते देखा गया।

मनसुख हिरेन जिस ओला कैब से सचिन वाजे से मिलने गया था। उस कैब के ड्राइवर ने एटीएस अधिकारियों को बताया कि हिरेन को यात्रा के दौरान पांच कॉल आईं। माना जा रहा है कि यह कॉल वाजे ने की थीं, जिन्होंने पहले तो हिरेन को पुलिस मुख्यालय के सामने स्थित रूपम शोरूम के बाहर मिलने के लिए बुलाया, लेकिन आखिरी कॉल के दौरान मिलने की जगह को बदलकर सीएसएमटी कर दिया।

सचिन वाजे पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह के करीबी माने जाते हैं। यही कारण है कि वाजे के फंसने के बाद परमवीर सिंह को मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटा दिया गया है। आपको बता दें कि इस मामले में एनआईए और एटीएस जिस तरह से ज़ॉच कर रही है। कहीं न कहीं उद्धव सरकर भी इसके चपेट में आ सकती है। इसको आप इसी से समझ सकते हैं कि उद्धव सरकार ने ही परमवीर सिंह को पुलिस कमिश्नर बनाया था।

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