गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक मतदाताओं से भाजपा समर्थित प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना बीमा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और विद्यालयों के विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वहीं, समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा और सुरक्षा के मुद्दे पर भी सवाल खड़े किए।
ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत मंच पर मौजूद मंत्रियों, सांसदों, जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और शिक्षक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में एकजुट होकर काम करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी का शिक्षा जगत से जुड़ा अनुभव और शिक्षकों के मुद्दों को उठाने का उनका प्रयास महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान और शिक्षा व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने भाजपा की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी का एजेंडा केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षा, शिक्षक, विद्यार्थी, युवा, विकास और देश की विरासत से जुड़े विषय भी शामिल हैं।
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का दावा, सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों को अपनी जायज मांगों के लिए बार-बार आंदोलन करने की स्थिति से बाहर निकालना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने शिक्षक समुदाय की विभिन्न श्रेणियों को इस सुविधा से लाभान्वित करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा बीमा से जुड़ी व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने अपने संबोधन में दुर्घटना की परिस्थितियों के अनुसार 40 लाख रुपये, 80 लाख रुपये और 1.20 करोड़ रुपये तक की सहायता का जिक्र किया। साथ ही कहा कि इसके लिए वेतन से कटौती नहीं किए जाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इन सुविधाओं को शिक्षकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।
पुरानी सरकारों पर निशाना, महिला शिक्षकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने उस दौर का जिक्र करते हुए महिला शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़ा एक प्रसंग सुनाया, जिसमें एक महिला शिक्षिका के स्कूल जाते समय अपने साथ बंदूक रखने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने इस प्रसंग के जरिए पूर्ववर्ती सरकार के समय कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए काम किया गया है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाकर राजनीति करते हैं। वहीं, उन्होंने अपनी सरकार की नीतियों को शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सुधार से जोड़कर प्रस्तुत किया।
ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार का जिक्र, विद्यालयों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार का जिक्र करते हुए विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, भवनों की स्थिति सुधारने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अपने संबोधन में लगभग 2,300 राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को धनराशि उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, विद्यालयों के विकास और सुविधाओं के विस्तार से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी से आधुनिक शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। मुख्यमंत्री के अनुसार, शिक्षा व्यवस्था को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। विद्यार्थियों को तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों का विस्तार होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायता मिलेगी।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय का जिक्र, सरकार ने बढ़ोतरी का दावा किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने शिक्षामित्रों के मानदेय में तीन हजार रुपये से बढ़ाकर दस हजार रुपये और फिर अठारह हजार रुपये तक की बढ़ोतरी का उल्लेख किया। इसी तरह अनुदेशकों के मानदेय में नौ हजार रुपये से बढ़ाकर सत्रह हजार रुपये किए जाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों के माध्यम से अपनी सरकार के कार्यकाल में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के हित में उठाए गए कदमों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों के हितों का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
पुरानी पेंशन पर सियासत, कर्मचारियों के हितों को लेकर विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पुरानी और नई पेंशन व्यवस्था को लेकर हो रही राजनीतिक बहस का उल्लेख किया और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई। उन्होंने कर्मचारियों के पेंशन खातों में धनराशि जमा किए जाने के मुद्दे को उठाते हुए विपक्ष से सवाल किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा महत्वपूर्ण है और सरकार को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन में कर्मचारियों और शिक्षकों के हितों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
राम मंदिर और पीडीए के मुद्दे पर सपा को घेरा, राज्यसभा चुनाव का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने राम मंदिर, पीडीए और राज्यसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों पर राजनीति करते हैं, जबकि सरकार विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास, शिक्षा और सुरक्षा जैसे विषयों पर लगातार काम करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भाजपा की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखते हुए शिक्षक मतदाताओं से ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में मतदान करने की अपील की।
शिक्षक भर्ती और विकास कार्यों का जिक्र, युवाओं के भविष्य पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक भर्ती और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को भी अपने संबोधन का हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में योग्य लोगों को अवसर देना और विद्यालयों में बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाली भीड़ के प्रबंधन का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
23 अक्टूबर को मतदान की अपील, जनप्रतिनिधियों को सौंपी जिम्मेदारी
अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंच पर बड़ी संख्या में पदाधिकारियों की मौजूदगी के कारण सभी जनप्रतिनिधियों को स्थान नहीं मिल पाया। इसके बाद उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों, ब्लॉकों, क्षेत्रों और संसदीय क्षेत्रों में जाकर ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में समर्थन जुटाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिक्षक मतदाता मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग करें और ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी बहुमत से विजयी बनाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की जीत शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का कारण बनेगी।
शिक्षक मतदाताओं से मतदान करने की अपील, शिक्षा जगत की समस्याएं सुलझाने का भरोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 23 अक्टूबर को मतदान होने की बात कही। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और अन्य शिक्षक मतदाताओं से मतदान में हिस्सा लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक मतदाताओं के लिए मतदान के दिन अवकाश घोषित किए जाने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे सुविधापूर्वक मतदान कर सकें। उन्होंने शिक्षक मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाएं। मुख्यमंत्री ने यह भरोसा भी जताया कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी के निर्वाचित होने पर शिक्षा जगत की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और उनके समाधान की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शिक्षकों की समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, दुर्घटना बीमा, मानदेय, पेंशन, विद्यालयों के विकास और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षक मतदाताओं से ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में मतदान करने की अपील की। अब देखना होगा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मुख्यमंत्री की यह अपील और पार्टी का चुनावी अभियान मतदाताओं पर कितना प्रभाव डालता है।
रिपोर्ट : अंकित श्रीवास्तव