1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. ताऊ-ते के तबाही के बाद यास भी ले सकता है चक्रवात का रुप, नेवी और एयरफोर्स ने कसी कमर

ताऊ-ते के तबाही के बाद यास भी ले सकता है चक्रवात का रुप, नेवी और एयरफोर्स ने कसी कमर

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
ताऊ-ते के तबाही के बाद यास भी ले सकता है चक्रवात का रुप, नेवी और एयरफोर्स ने कसी कमर

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: ताउ-ते के कोहराम के बाद यास भी चक्रवात का रुप ले सकता है, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूवार्नुमान केंद्र  ने बताया कि यास के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ-साथ सोमवार सुबह तक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। वहीं अगले 24 घंटों में बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। सैटेलाइट के माध्यम से ली गई इसकी तस्वीरों और महासागर की गतिशीलता का अध्ययन करने के बाद मौसम विभाग ने ये बात कही है।

आपको बता दें मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि, चक्रवाती तूफान यास उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे तेज होगा। 26 मई की सुबह तक इसके पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तटों के निकट उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही एक बेहद उग्र तूफान के रूप में 26 मई की शाम तक इसके पारादीप और सागर द्वीप समूह के बीच उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल को पार करने का अनुमान है।

ताऊ-ते से सीख लेने के बाद सेना के तीनों अंगों और ICG ने चक्रवात ‘यास’ से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाये हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया है, “पश्चिमी तट पर HADR और बचाव अभियान से अभी ही उबरी भारतीय नौसेना ने 10 HADR पैलेट भुवनेश्वर और कोलकाता में पहुंचाएं हैं, पोर्ट ब्लेयर में पांच पैलेट तैयार हैं।“ इसके साथ ही भारतीय नौसेना की चार गोताखोर एवं 10 राहत टुकड़ियां पहले ही कोलकाता, भुवनेश्वर और चिलिका में तैनात कर दी गयी हैं, ताकि शॉर्ट नोटिस पर ही वह नागरिक प्रशासन की सहायता कर सकें।

रक्षा मंत्रालय ने तैयारियों को लेकर आगे बताया कि, भारतीय वायुसेना ने चक्रवात ‘यास’ से उत्पन्न स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत जामनगर, वाराणसी, पटना, आरोकोन्नम से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 950 कर्मियों और 70 टन अन्य जरूरी चीजें कोलकाता, भुवनेश्वर और पोर्ट ब्लेयर पहुंचाई हैं। अधिकारियों ने बताया कि राहत सामग्री, उपकरण और कर्मियों को पटना, वाराणसी और अराक्कोनम से पांच सी-130 विमानों का उपयोग करके पहुंचाया गया।

इतना ही नहीं भारतीय वायुसेना (IAF) ने एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) अभियानों के लिए तीन सी-130, चार एएन-32 विमानों और दो डोर्नियर विमानों सहित 11 परिवहन विमानों को तैयार रखा है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 11 एमआई-17 वी5, दो चेतक, तीन चीता और सात एमआई-17 हेलीकॉप्टर सहित लगभग 25 हेलिकॉप्टरों को भी किसी भी स्थिति के लिए तैयार रखा गया है। वहीं भारतीय कोस्टगार्ड  ने उन 254 नावों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की, जो बंगाल की खाड़ी में गई थीं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 31 NDRF की टीम, नाव, लाइफ जैकेट आदि चीजें तैयार रखी गई हैं।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...