मई का महीना बस बीतने को है और कोरोना का संकट भी अपने चरम पर है। ऐसे में जून में महीने में दो ग्रहण होना किसी भी लिहाज से शुभ नहीं कहा जा सकता है।
दरअसल जून के महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों आ रहे है। आपको बता दे की चंद्र ग्रहण 5 जून को पड़ेगा और सूर्य ग्रहण 21 को पड़ेगा। इससे पहले 10 जनवरी को साल का पहला ग्रहण लगा था।
सूर्य आत्मा कारक ग्रह है और इतने कम अंतराल में 3 ग्रहण पड़ना पृथ्वी के जीवों के लिए शुभ नहीं कहा जा सकता है। इस दौरान संकट बढ़ सकता है। वही 5 जुलाई को फिर एक ग्रहण पड़ेगा।
ऐसे में वायरस जनित बीमारी पृथ्वी पर और फैल सकती है। मिथुन राशि में 21 जून को लग रहे सूर्य ग्रहण में 6 ग्रह वक्री रहेंगे जिसके कारण राजा को तकलीफ होगी, प्रजा में असंतोष बढ़ जाएगा वही देश की सुरक्षा को खतरा होगा।
वर्तमान दशा और ग्रहण के प्रभाव को देखे तो 26 या 30 जुलाई के बाद ही देश में कोरोना वायरस का कहर कम होगा। हम 30 जून के बाद और भयावह स्थिति देख सकते है।