8 अप्रैल को हनुमान जयंती है और इस दिन हनुमान जी महाराज जो की राम जी के अन्नय भक्त है उनका प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। जैसा की हम सब जानते है की हनुमान जी अमर है लेकिन क्या आपको पता है हनुमान जी को अमर होने का वरदान किसने दिया था ?
दरअसल इस घटना का राज़ रामचरितमानस के सुंदरकांड में है जिसे गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है, जब राम जी की पत्नी सीता का रावण ने अपहरण कर लिया तो हनुमान जी समेत कई वानरों का दल उनकी खोज में दक्षिण दिशा में गया।
जब उन्हें यह पता चला, सीता माँ लंका में है तो हनुमान जी लंका गए और अशोक वाटिका में सीता जी को खोज निकाला लेकिन सबसे पहले माता सीता को संहेद हुआ। उन्हें लगा की यह रावण की कोई लीला है लेकिन हनुमान जी ने उन्हें राम कथा सुनाई और राम जी द्वारा दी गयी अंगूठी दे दी।
उसके बाद सीता को यह तो विश्वास हुआ की यह राम जी का सेवक है लेकिन वो सोचने लगी की ये तो छोटा सा बंदर है, ये असुरों से क्या लड़ेगे ? लेकिन हनुमान जी ने उनको अपना विशाल रूप प्रकट कर दिखाया जो की पर्वत के समान था। माता सीता का संहेद दूर हुआ और उन्होंने हनुमान जी को अमर होने का वरदान दे दिया।