किसी भी भवन का निर्माण करते समय उसका वास्तु का ध्यान रखा जाता है। माना जाता है की भवन वास्तु सम्मत हो तो घर के मुखिया और उसमे रहने वालों को समस्या नहीं आती है।
लेकिन आम तौर पर देखा जाता है की लोग घर के अंदर के वास्तु का तो ध्यान रखते है लेकिन छत को मिस कर देते है। तो आज जानते है की कैसे छत भी आपके घर के वास्तु को प्रभावित करता है।
दरअसल माना जाता है की किसी बेकार का कबाड़ की चीज़ में राहु का निवास होता है जो की भ्रम और धन हानि का कारक है।
जब घर कोई बेकार वस्तु पड़ी होती है तो उसे लोग जाकर छत पर फ़ेंक आते है जिससे उस दिशा पर राहु का नकारात्मक असर पड़ने लगता है।
इसके अलावा ऐसा करने से घर के मुखिया की सेहत ख़राब होने लगती है। वही घर के लोगों को भी शारीरिक और मानसिक तनाव होने लगता है।
अगर आप मकान बनवा रहे है तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की छत ईशान कोण में खुली हुई हो। उसके ठीक नीचे चूंकि पूजा घर होगा तो इस दिशा को हल्का रखिये।
दूसरी एक बात जो बड़ी इम्पोर्टेन्ट है वो ये की लोगों के छत पर टंकी से पानी बहता रहता है। याद रखिये ये एक गंभीर वास्तु दोष है।
वहीं पानी की टंकी हमेशा दक्षिण पश्चिम में होनी चाहिए और यह एरिया उठा हुआ होना चाहिए ,इससे धन प्रवाह में आसानी होती है। दक्षिण का कारक मंगल है और यह गृह स्वामी की ऊर्जा को दर्शाता है।