बागेश्वर: जिले में कोहरा और पाले ने ठिठुरन बढ़ा दी है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों के गांवों में बर्फीली हवाएं चल रही हैं। लोग अलाव जलाकर ठंड का मुकाबला कर रहे हैं। बारिश नहीं होने से सूखी ठंड पड़ रही है और लोग बीमार भी पड़ने लगे हैं। इस बार जाड़ों में औसतन बारिश कम हुई। जिससे रात आसमान साफ होने से पाला जमकर गिर रहा है। सुबह पारा एक डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क रहा है।
वहीं, पिछले दो दिनों से दिनभर कोहरा रहने से सूर्य की किरणें भी मंद पड़ गई हैं। जिससे ठिठुरन भरी ठंड पड़ रही है। पाला फसलों के लिए भी घातक होता है। सिचाई नहीं होने से जहां गेहूं की फसल चौपट हो रही है। वहीं फल, सब्जी को भी व्यापक नुकसान पहुंचने लगा है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव आदि जला रहे हैं।
वहीं, हाथ और पांव की ठंड लोगों को बीमार भी करने लगी है। अस्पतालों में मरीजों की बढ़ने लगी है। खासी, अस्थमा, जुखाम, चेस्ट में दर्द, पेट, सिर दर्द, घुटने का दर्द आदि परेशानी बढ़ गई है। डाक्टरों के अनुसार यह मौसम स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब है। उधर, कपकोट के खाती, बाछम, खरकिया, कुंवारी, कर्मी, समडर, जांतोली आदि स्थानों पर बर्फीली हवाएं चल रही हैं।
यहां शून्य तक पारा लुढ़क रहा है। खाती के निवासी यामू सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने से सूखी ठंड पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश होती तो मौसम खुलने लगता। इधर, जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं। सोमवार को आसमान में हल्के बादल छाए रहे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।