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गोरखपुर में क्रांतिवीरों को जलांजलि, बृजेश राम त्रिपाठी ने मुंडन कर किया पिंडदान और तर्पण

गोरखपुर के रामघाट पर पितृ विसर्जन के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और शहीद सैनिकों की स्मृति में पिंडदान, तर्पण और जलांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। भाजपा नेता बृजेश राम त्रिपाठी ने मुंडन कराकर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। आयोजकों के अनुसार, यह परंपरा पिछले 15 वर्षों से निभाई जा रही है।

By: Nivedita 
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गोरखपुर में क्रांतिवीरों को जलांजलि, बृजेश राम त्रिपाठी ने मुंडन कर किया पिंडदान और तर्पण

गोरखपुर में पितृ विसर्जन के अवसर पर देश के ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राप्ती नदी के रामघाट तट पर गुरुकृपा संस्थान और अखिल भारतीय क्रांतिकारी सम्मान संघर्ष मोर्चा की ओर से पिंडदान, तर्पण और जलांजलि का आयोजन किया गया। इस दौरान बीजेपी गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री बृजेश राम त्रिपाठी ने मुंडन कराकर क्रांतिवीरों को जलांजलि दी, उन्होंने बताया कि राष्ट्र के बलिदानियों के सम्मान में यह परंपरा पिछले 15 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है।

15 वर्षों से निभाई जा रही बलिदानियों के सम्मान की परंपरा

पितृ विसर्जन के पावन अवसर पर राप्ती नदी का रामघाट तट राष्ट्र के अमर बलिदानियों की स्मृति का साक्षी बना। यहां देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों और देश की रक्षा में प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों के सम्मान में पिंडदान, तर्पण और जलांजलि अर्पित की गई। गुरुकृपा संस्थान और अखिल भारतीय क्रांतिकारी सम्मान संघर्ष मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राष्ट्रप्रेमियों ने हिस्सा लिया।

बृजेश राम त्रिपाठी ने मुंडन कर किया पिंडदान और तर्पण

कार्यक्रम में बीजेपी गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री बृजेश राम त्रिपाठी ने स्वयं मुंडन कराकर विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र अपने अमर बलिदानियों का सदैव ऋणी रहेगा। क्रांतिकारियों के त्याग और वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के कारण ही आज देशवासी स्वतंत्रता, स्वाभिमान और सुरक्षा के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पितृ विसर्जन पर इन वीर सपूतों को अपने पूर्वजों के समान सम्मान देना राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक भावपूर्ण माध्यम है।

 

 

राष्ट्रभक्ति नारों से नहीं, त्याग और समर्पण से होती है सिद्ध

बृजेश राम त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि त्याग, सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से सिद्ध होती है। अमर बलिदानियों के आदर्शों को आत्मसात करना और देश की एकता, अखंडता तथा सांस्कृतिक गौरव की रक्षा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने इस आयोजन को नई पीढ़ी में देशप्रेम, राष्ट्रसेवा और बलिदानियों के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने का माध्यम बताया।

ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता का संदेश

अखिल भारतीय क्रांतिकारी सम्मान संघर्ष मोर्चा के प्रभारी, भूतपूर्व वायु सैनिक एवं शिक्षक शंकर शरण दूबे ने कहा कि यह आयोजन उन असंख्य ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की विनम्र श्रद्धांजलि है, जिनका त्याग भारतीय इतिहास और जनमानस में सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि गुरुकृपा संस्थान और अखिल भारतीय क्रांतिकारी सम्मान संघर्ष मोर्चा का संकल्प राष्ट्र को सर्वोपरि रखना, राष्ट्रभक्ति को संस्कार बनाना और बलिदानियों के प्रति कृतज्ञता को राष्ट्रीय धर्म के रूप में निभाना है। इस अवसर पर विशाल दास, पंडित बीरु रितेश दूबे, प्रदीप त्रिपाठी, अवनीश मणि त्रिपाठी, आदित्य पांडेय, एडवोकेट नीलेश पांडेय, आशुतोष पांडेय, शंभू साहनी, राजेश जायसवाल और रामचंद्र कुशवाहा सहित दर्जनों राष्ट्रप्रेमियों ने बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन के जरिए देश की आजादी और सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सपूतों को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया गया। पितृ विसर्जन पर क्रांतिवीरों के लिए पिंडदान और तर्पण की यह परंपरा राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता और बलिदानियों के सम्मान का संदेश दे रही है।

 

रिपोर्ट – अंकित श्रीवास्तव 

 

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