रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: चूहा, वैसे तो आपको परेशान ही करता है, आपके कमरे में आ जाये तो हमेशा डर बनीं रहती है कि कहीं कपड़े न कुतर दे, तो कभी डर बना रहता है कि कोई कीमती सामान का न नुकसान कर दे। अभी तक आप केवल चूहों के लिए यही अवधारणा बनाये रहे होंगे। लेकिन आज हम एक ऐसे बहादुर चूहे के बारे में बताने जा रहें हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी गर्व करेंगे। जिस चूहे के बारे में हम बार कर रहें हैं, मगावा नाम का यह चूहा कंबोडिया का है। इस चूहे ने करीब 99 बारूदी सुरंगों का पता लगाया, जिससे हजारों लोगों की जानें बच सकीं।
आपको बता दें कि अफ्रीकी नस्ल के इस मगावा चूहे की बहादुरी सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में है। इस चूहे के सूंघने की क्षमता इतनी बेहतर है कि बारूदी सुरंगों का पता लगाने में इस्तेमाल होने वाली महंगी मशीनों को भी मात दे देती है। इसी खासियत के चलते इसे दल में शामिल किया गया था और अब तक इसने एक सैकड़ा बारूदी सुरंगों का पता लगाया है।
मगावा की उम्र सात साल है और इस चूहे को विशेष रूप से कंबोडिया में बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। प्रशिक्षण के अनुरुप ही उसने सफलता पूर्वक अपने काम को अंजाम दिया और उसके बारूदी सुरंगों के साथ कई जिंदा विस्फोटकों का भी पता लगाया।
मगावा को APOPO नामक संगठन ने ट्रेंड किया था। रिपोर्ट की मानें तो, यह संगठन चूहों को बारूदी सुरंगों और अस्पष्टीकृत बमों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षत करता है। मगावा पूरी तरह स्वास्थ्य है, लेकिन नियमानुसार सेवानिवृत्ति हो गया है।
ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था PDSA ने मगावा को सम्मानित भी किया है। ब्रिटिश संस्था हर साल अच्छा काम करने वाले जानवरों को सम्मानित करती है। पहली बार इस संस्था ने एक चूहे को सम्मानित किया था। मगावा के प्रशिक्षक की मानें तो इस चूहे का प्रदर्शन बेहतरीन रहा, उसने दिए गए हर टास्क को सफलतापूर्वक पूरा किया। मुझे उसके साथ काम करने पर गर्व है।