इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल पीने से बीमार हुए नागरिकों से मिलकर उन्हें भरोसा दिलाया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, राज्य शासन पूरी तरह उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रभावित नागरिक पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर सकुशल लौटेंगे और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवम वर्मा को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रभावितों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए और इसकी सतत निगरानी भी की जाए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी मरीज या उसके परिजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनके जीवन-निर्वाह, कामकाज और पारिवारिक स्थिति की भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञों और स्टाफ से चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ, नि:शुल्क दवाइयाँ, इंजेक्शन, सभी आवश्यक जाँचें और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नागरिकों को आगे से केवल शुद्ध और सुरक्षित पेयजल ही उपलब्ध हो।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 दिसंबर की शाम इंदौर में प्रभावितों से मिलने के लिए विभिन्न अस्पतालों में पहुंचे। उन्होंने परदेशीपुरा स्थित वर्मा अस्पताल, नंदानगर स्थित बीमा अस्पताल, एमआईजी चौराहा स्थित डीएनएस अस्पताल, रेसकोर्स रोड स्थित शैल्बी अस्पताल,तथा एम.वाय. अस्पताल का दौरा कर भर्ती मरीजों से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री ने मरीजों से इलाज की स्थिति, अस्पताल में भर्ती होने से पहले की परिस्थितियों और उनके कार्य-व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की।
इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव सीएम सचिवालय नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोहराया कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रभावित नागरिकों के उपचार व सुरक्षा में राज्य शासन हर संभव कदम उठाएगा।