रिपोर्ट: सत्य़म दुबे
ऋषिकेश: कुंभ हिंदू धर्म के लोगो का एक ऐसा आस्था का प्रतीक है, जिसको जानने के लिए दुनिया आज भी शोध कर रही है। हर 12 साल में एक बार कुंभ का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही हर 6 साल में अर्धकुंभ का आयोजन किया जाता है। भारत में कुंभ चार स्थानों पर आयोजित किया है। प्रयागराज,हरिद्वार,नासिक,उज्जैन में क्रमानुसार कुंभ का आयोजन किया जाता है।

इसबार कुंभ का आयोजन हरिद्वार में किया गया है। इस कुंभ में एक कहावत ऐसी सही साबित हो गई कि जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। जी हां, देवभूमि उत्तराखंड में कुंभ के दौरान आंखे नम कर देने वाली घटना सामने आई है। आपको बता दें कि एक बुजुर्ग महिला अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्रा करने के बाद अर्ध कुंभ 2016 में हरिद्वार पहुंची थी। लेकिन वो वापस अपने गांव नहीं पहुंच पाई। परिजनों ने महिला को हर जगह तलाशा लेकिन उसकी कोई खबर नहीं लग सकी।
परिजनों ने काफी खोजने के बाद थाना जोगिया उदयपुर जिला सिद्धार्थनगर में कृष्णा देवी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद जब बुजुर्ग महिला का कहीं कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने उसे मृत मान लिया। लेकिन लापता होने के 5 साल बाद जब कृष्णा देवी के परिजनों को यह पता चला कि वो जिंदा है और त्रिवेणी घाट ऋषिकेश में हैं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
हरिद्वार में आयोजित कुंभ में पुलिस सभी लोगों का सत्यापन कर रही है। इसी दौरान कृष्णा देवी के बारे में पुलिस को पता चला, जिनकी साल 2016 में अर्धकुंभ के दौरान गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

पुलिस ने इस मामले की जांच की और थाना जोगिया उदयपुर जिला सिद्धार्थनगर से संपर्क साधा और कृष्णा देवी के बारे सूचना दी। इसकी जानकारी जैसे ही परिजनों को हुई कि त्रिवेणी घाट ऋषिकेश में है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद कृष्णा देवी को लेने उनका बेटा दिनेश्वर पाठक, पति ज्वाला प्रसाद, पुत्री उमा उपाध्याय ऋषिकेश पहुंचे। ऋषिकेश में अपनी माता को सकुशल देख बच्चों के आंख से खुशी के आंसू छलक पड़े। महिला की बेटी अपनी मां के गले से लग कर रोने लगी।