भोपालः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंनद मंत्रालय की कार्यों की सराहना की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आनंद मंत्रालय के द्वारा ‘आनंद के आयाम’ संगोष्ठी का जो आयोजन किया गया है उसके लिए वे बधाई के पात्र है। उन्होंंने कहा कि सही में हमारी काम की दक्षता कैसे बढ़े, प्रशासनिक मशीनरी में काम के कई सारे तनाव भी होते हैं। जीवन की कठिनाइयों को भूलकर हम अपनी क्षमता, योग्यता से काम के प्रति निष्ठा के आधार पर अपने समय का सदुपयोग करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनस्थिति भी आनंद में रहे, इस भाव को लेकर आनंद मंत्रालय की जो स्थापना हुई थी। हम सब सौभाग्यशाली हैं 2016 सिंहस्थ उज्जैन के आयोजन के बाद ये मंत्रालय हमारे कई सारे उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए आगे बढ़ रहा है। उम्मीद करेंगे कि अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस पर हमारा विभाग भी इस आयोजन का भी हिस्सा बने और भविष्य में इस पर काफी काम किया जाना है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस की शुभकामनाएं दी।
आनंद सभा स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आनंद सभाओं का आयोजन होता है, जिस तरह से शनिवार को बाल सभा होती है, वह सच में आनंद सभा हैं। यह तो भगवान कृष्ण की लीलाओं को देखकर ध्यान में आता है कि कालिया नाग के ऊपर भी कैसे मुस्कराया जाता है, ये भी आनंद की बात है।