17 अप्रैल को बाबा साहब की जयंती के उपलक्ष्य में गांव में जुलूस निकाला जाना था। उससे पहले ही कुछ शरारती तत्वों ने माहौल खराब करने की नीयत से बैनर को नुकसान पहुंचाया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समाजजन एकत्रित हुए और जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
