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बिजली कर्मचारी महासंघ का प्रदेशव्यापी आंदोलन, विभिन्न मांगों को लेकर अधीक्षक यंत्री कार्यालय के बाहर धरना

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हमारी प्रमुख मांगों में आउटसोर्स कर्मचारी (संविदा कर्मचारी) विगत 15 वर्षों से काम कर रहा है जिन्हें आज तक नियमित नहीं किया गया और ना ही उन्हें शासन की लाभप्रद योजना से लाभान्वित किया गया। वही आउटसोर्स कर्मी आज कंपनी की रीढ़ की हड्डी बन गई है।

By: Naredra 
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बिजली कर्मचारी महासंघ का प्रदेशव्यापी आंदोलन, विभिन्न मांगों को लेकर अधीक्षक यंत्री कार्यालय के बाहर धरना

बड़वानी: भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ से संबद्ध मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन विसंगति सहित 11 सूत्रीय लंबित मांगों के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया है।

संविदा कर्मियों कहना था कि मांगों पूरा करवाने के एवेज में सरकार तक पहुंचाने के लिए एक दिवसीय काम बन्द कर हड़ताल की गई है। जिसमें 11 प्रमुख मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। जिनमें से संविदा आउटसोर्सिंग नियमिति करण की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया है।

कर्मचारियों ने बताया कि जिलों में स्थानीय तौर पर ज्ञापन, धरना और प्रदर्शन के बाद “भोपाल चलो” आंदोलन के तहत राजधानी भोपाल में सरकार पर दबाव बनाए जाने के मकसद से धरना प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ के अनुसार लम्बे समय से मांगो का निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश है। इसी के चलते प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूप-रेखा बनाई गई है।

आगामी 16 अप्रैल को राजधानी भोपाल में विशाल प्रर्दशन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान म.प्र बिजली विभाग कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष, सयुंक्त महामंत्री मोहम्मद सादिक शेख ने बताया कि यह हमारा आंदोलन पांच चरणों के अंतर्गत चल रहा है। पूर्व में दो चरण हो चुके हैं वहीं तीसरे चरण में आज जिला मुख्यालय के अधीक्षण यंत्री कार्यलय के बाहर धरना दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी प्रमुख मांगों में आउटसोर्स कर्मचारी (संविदा कर्मचारी) विगत 15 वर्षों से काम कर रहा है जिन्हें आज तक नियमित नहीं किया गया और ना ही उन्हें शासन की लाभप्रद योजना से लाभान्वित किया गया। वही आउटसोर्स कर्मी आज कंपनी की रीढ़ की हड्डी बन गई है। उन्ही की मौजूदगी में यह कार्य हो रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर कोई ध्यान नहीं है।

सादिक शेख ने कहा कि कर्मचारियों के धरने पर बैठने से काम प्रभावित होता है इसलिए जनता का ध्यान रखते हुए जिन कर्मियों की आज छुट्टी है उन्हें इस धरने में शामिल किया गया है। वहीं जिले भर में 800 संविदा कर्मचारी हैं जिन्हें आउटसोर्स में कलेक्टर दर से वेतन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि निजी कंपनी के हाथों में ठेका सौंप दिया गया है जिस कारण से आउटसोर्स संविदा कर्मियों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।

बड़वानी से संवाददाता लोकेश दावदे की रिपोर्ट

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