Home उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा में बिखराव देखा जा सकता है

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा में बिखराव देखा जा सकता है

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देहरादून: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा में बिखराव देखा जा सकता है। भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मामलों को लेकर सत्तापक्ष के विधायक ही सरकार का विरोध कर रहे हैं। इसी डर की वजह से पार्टी अपने कार्यकर्त्ताओं की नब्ज टटोल रही है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में मंगलवार को मीडिया से बातचीत में प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा में चिंता की लकीरें साफतौर पर देखी जा सकती हैं।

बीते दिनों विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के विधायकों ने ही सरकार के कारनामों की पोल खोली। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के भाजपा विधायकों के संपर्क में होने के बयान पर उन्होंने कहा कि डॉ हृदयेश पार्टी की वरिष्ठतम नेताओं में हैं। उनकी बात के मायने हैं। हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि ऐसा कोई भी भाजपा विधायक अभी कांग्रेस के संपर्क में नहीं है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की कांग्रेस को अपना कुनबा संभालने की नसीहत पर उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के कुनबे में जो कुछ भी चल रहा है, उसे पूरा उत्तराखंड देख रहा है। इसके लिए कांग्रेस को कोसना व्यर्थ है। कर्मकार कल्याण बोर्ड का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पूरा विभाग की भ्रष्टाचार में डूबा है। पंजीकृत श्रमिकों का सत्यापन नहीं हो रहा। यह गंभीर विषय है। कार्यदायी एजेंसी बनाई गई संस्था का 20 करोड़ में से 18 करोड़ लौटाना वित्तीय अनियमितता का सबूत है। इससे जीरो टॉलरेंस की पोल खुल गई है। पूरी सरकार ही भ्रष्टाचार में लिप्त है।

शिक्षकों को शीतकालीन अवकाश से वंचित किए जाने पर रोष जताते हुए उन्होंने कहा कि सर्दियों की छुट्टियों का प्रविधान मौसम की वजह से किया जाता है। छात्रों व शिक्षकों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह जरूरी है। शीतावकाश देने की सरकार की मांग को जायज ठहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार विवेकहीन हो गई है। शिक्षा मंत्री अब मुख्यमंत्री से वार्ता करने की बात कर रहे हैं, जबकि यह काम पहले ही किया जाना चाहिए था। यह फैसला मंत्री के स्तर का है, लेकिन उनमें फैसला लेने की क्षमता नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी खोजबीन में जुटी है। पार्टी का इस प्रदेश में कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन का समर्थन करने वालों पर मुकदमें दर्ज नहीं किए जाने चाहिए। 2022 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमें वापस लिए जाएंगे।

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