1. हिन्दी समाचार
  2. विदेश
  3. तालिबान के खिलाफ पंजशीर में सुलग रही विद्रोह की ज्वाला को लेकर रूस ने दी चेतावनी, तेज हो सकता है विद्रोह

तालिबान के खिलाफ पंजशीर में सुलग रही विद्रोह की ज्वाला को लेकर रूस ने दी चेतावनी, तेज हो सकता है विद्रोह

एक बार फिर से अफगानिस्‍तान की पंजशीर घाटी विद्रोह का केंद्र बन गई है। यह घाटी चारों तरफ से पहाड़ों से घिरी है, इसकी वजह से आजतक तालिबानी कभी भी यहां पर कब्‍जा नहीं कर पाए हैं। अब यही से सालेह और मसूद दोनों तालिबान के खिलाफ विद्रोह के लिए लड़ाकुओं इकट्टा कर रहे हैं।

By: Amit ranjan 
Updated:
तालिबान के खिलाफ पंजशीर में सुलग रही विद्रोह की ज्वाला को लेकर रूस ने दी चेतावनी, तेज हो सकता है विद्रोह

नई दिल्ली : अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद लगातार उसकी क्रूरता बढ़ती जा रही है, जिसे लेकर एक तरफ जहां अफगानी नागरिकों में खौफ का माहौल है। वहीं दूसरी तरफ पंजशीर घाटी में तालिबान को लेकर विद्रोह का बिगुल बज गया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव ने तालिबान को चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्‍तान की पंजशीर घाटी में विद्रोही जमा हो रहे हैं जिसका नेतृत्‍व देश के उप राष्‍ट्रपति अमरुल्‍ला सालेह और अहमद मसूद कर रहे हैं।

लावरोव ने कहा कि, ‘तालिबान अफगानिस्‍तान के पूरे इलाके को नियंत्रित नहीं करते हैं। ऐसी खबरें हैं कि पंजशीर घाटी में अफगानिस्‍तान के उप राष्‍ट्रपति और अहमद मसूद विरोध कर रहे हैं।’ रूसी विदेश मंत्री ने एक बार फिर से आह्वान किया कि अफगानिस्‍तान के सभी राजनीतिक धड़ों के बीच में ‘प्रतिनिधि सरकार’ के गठन के लिए बातचीत होनी चाहिए।

एक बार फिर विद्रोह का केंद्र बना पंजशीर घाटी

दरअसल, एक बार फिर से अफगानिस्‍तान की पंजशीर घाटी विद्रोह का केंद्र बन गई है। यह घाटी चारों तरफ से पहाड़ों से घिरी है, इसकी वजह से आजतक तालिबानी कभी भी यहां पर कब्‍जा नहीं कर पाए हैं। अब यही से सालेह और मसूद दोनों तालिबान के खिलाफ विद्रोह के लिए लड़ाकुओं इकट्टा कर रहे हैं। रूस इस बात को लेकर सतर्कतापूर्वक आशान्वित है कि विद्रोहियों से बातचीत की जाए ताकि हिंसा की आंच पूर्व सोवियत संघ के देशों उज्‍बेकिस्‍तान और ताजिकिस्‍तान तक न पहुंच जाए।

गौरतलब है कि अमेरिका, भारत समेत अन्‍य देश जहां पर अपने दूतावास को बंद कर रहे हैं, वहीं पर रूस का दूतावास अभी भी कार्यरत है। इससे पहले रूसी राजदूत दमित्रि झिरनोव ने तालिबान के नेताओं से काबुल में मुलाकात की थी। उन्‍होंने सरकारी टीवी पर इस बैठक को सकारात्‍मक और रचनात्‍मक करार दिया था।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...