बड़वानी में बोरिंग और हैंडपंप से हल्का लाल और काले रंग का पानी निकल रहा है। मामला पानसेमल तहसील के रामा फलिया गांव का है। जहां पानी अब ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
यह पानी न केवल पीने के लिए अनुपयोगी है, बल्कि खेती के लिए भी खतरा बन गया है। ग्रामीण और किसान इस दूषित पानी के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस दौरान स्थानीय किसान ने बताया कि पिछले करीब एक साल से उनके खेत और आसपास के ट्यूबवेल से ऐसा पानी निकल रहा है। इस पानी के कारण उनकी मक्का की फसल खराब हो चुकी है। परिवार और ग्रामीण अब पेयजल के लिए दूसरे खेतों और स्रोतों पर निर्भर हैं, जिससे उनमें बीमारी फैलने का डर भी बना हुआ है।
किसानों ने यह भी बताया शिकायत के बाद भी विभाग के अधिकारी जांच के लिए नहीं आए। बोरबेल से लाल-काला पानी जिससे खेतों में फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं इस मामले को लेकर तहसीलदार ने भी इस पानी को पीने योग्य नहीं माना है। उन्होंने PHE विभाग के साथ मिलकर समाधान के प्रयास की बात कही है।
जबकि एक साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। हॉलाकि विशेषज्ञों का मानना है कि पानी का लाल या काला रंग जमीन में आयरन, मैंगनीज या अन्य रासायनिक तत्वों की अधिकता का संकेत हो सकता है। ये तत्व लंबे समय में स्वास्थ्य और फसलों दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।
बड़वानी से संवाददाता लोकेश दावदे की रिपोर्ट