बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान मंगलवार शाम 6 बजे समाप्त हो गया। हालांकि, जो मतदाता मतदान केंद्रों पर कतार में मौजूद हैं, वे वोट डाल पाए। राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर हुए मतदान में शाम 5 बजे तक 67.14% वोटिंग दर्ज की गई — जो इस बार का रिकॉर्ड स्तर का मतदान है।
किशनगंज में सबसे ज्यादा, 76.26% मतदान
राज्य के मुस्लिम बहुल क्षेत्र किशनगंज में 76.26% के साथ सबसे अधिक मतदान दर्ज हुआ। वहीं बगहा, बांका, और गया जिलों में भी बंपर वोटिंग हुई। कुल मिलाकर, बिहार के मतदाताओं ने अंतिम चरण में भी उत्साहपूर्वक लोकतंत्र का पर्व मनाया।
11 बजे तक 31.38% मतदान
सुबह के समय मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन दिन बढ़ने के साथ मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 11 बजे तक औसतन 31.38% मतदान दर्ज किया गया।
जिलावार आंकड़े (11 बजे तक):
चुनाव में झड़पें और अनियमितताएं — 15 बड़ी घटनाएं
बिहार चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में कई जिलों से तनाव और गड़बड़ी की खबरें भी आईं।
यहाँ दिनभर की 15 बड़ी घटनाओं का ब्यौरा —
1. अरवल: मतदान के दौरान हार्ट अटैक से पीठासीन अधिकारी अरविंद कुमार की मौत।
2. शिवहर व बेलसंड: बूथों पर गड़बड़ी के आरोप में 13 लोग हिरासत में।
3. बेतिया: पैसे बांटते पकड़े गए RJD समर्थक, ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपा।
4. बगहा: 19 बूथों पर सिर्फ 1 वोट पड़ा, 15 हजार लोगों ने बहिष्कार किया।
5. अररिया: बीजेपी और कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़प, कई घायल।
6. नवादा (हिसुआ): BJP प्रत्याशी अनिल सिंह को ग्रामीणों ने खदेड़ा।
7. रोहतास: पंचायत भवन की मांग पर लोगों ने वोट का बहिष्कार किया।
8. जमुई: दो समुदायों में झड़प, ईंट-पत्थर चले; पुलिस ने मामला शांत कराया।
9. जहानाबाद: बूथ 220 पर दो गुटों की भिड़ंत, 4 लोग घायल।
10. रोहतास: जदयू प्रत्याशी नागेंद्र चंद्रवंशी गाड़ी पर पार्टी झंडा लगाकर घूमते दिखे।
11. मोतिहारी: फर्जी वोट डालने की कोशिश में 10 लोग पकड़े गए।
12. मोतिहारी: वोटिंग में बाधा डालने के आरोप में पोलिंग एजेंट गिरफ्तार।
13. सीतामढ़ी: रुन्नीसैदपुर में JDU पोलिंग एजेंट पर FIR दर्ज।
14. जमुई (चकाई): बूथ 145 पर EVM खराब, 5 घंटे तक वोटिंग रुकी रही।
15. बांका (कटोरिया): बूथ 76 पर तकनीकी दिक्कत के चलते डेढ़ घंटे देरी से मतदान शुरू।
बगहा में 15 हजार लोगों का मतदान बहिष्कार
बगहा क्षेत्र में मतदाताओं ने विकास कार्यों की अनदेखी और सड़क निर्माण की मांग पूरी न होने पर चुनाव का बहिष्कार किया। 19 बूथों पर सिर्फ 1 वोट डाला गया, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतदान प्रतिशत में रेकॉर्ड वृद्धि
बिहार में इस बार दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान प्रतिशत 66.78% के आसपास रहने की संभावना है, जो 2020 के विधानसभा चुनाव (57.4%) की तुलना में करीब 9% अधिक है। यह राज्य में बढ़ते लोकतांत्रिक जागरूकता और ग्रामीण भागीदारी का संकेत माना जा रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के अंतिम चरण में हुई रिकॉर्ड वोटिंग से स्पष्ट है कि मतदाताओं में उत्साह और जागरूकता दोनों बढ़े हैं। हालांकि, कुछ जिलों में तनाव, बहिष्कार और तकनीकी गड़बड़ी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब सभी की निगाहें मतगणना और परिणामों पर टिकी हैं, जो आने वाले राजनीतिक समीकरण तय करेंगे।