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राम नवमी: जानिये राम जन्म की कथा और पूजन का मुहूर्त

By: RNI Hindi Desk 
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राम नवमी: जानिये राम जन्म की कथा और पूजन का मुहूर्त

भगवान विष्णु इस समस्त ब्रह्माण्ड के स्वामी है और वो भक्तों और संतों के उद्धार के लिए हर युग में अवतार लेते है। एक ऐसा ही अवतार राम जी का है जिनका अवतार त्रेता युग में हुआ था। अयोध्या में भगवान राम, राजा दशरथ और कौशल्या के पुत्र बनकर आये थे। और उन्होंने रावण का संहार किया और देवताओं को भय मुक्त किया।

राम जी के जन्म का समय चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को माना जाता है, इसलिए रामनवमी के दिन भगवान राम की विशेष पूजा-अर्चना होती है। इस बार राम नवमी तिथि 2 अप्रैल को पड़ रही है।

रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम की विशेष पूजा होती है और उनके बाल रूप की आराधना का बड़ा महत्व है , लोग इस दिन उन्हें पालने में झूला झुलाते है और उनसे स्नेह करते है। वहीं रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करना भी लाभकारी रहता है।

तुलसीदास जी ने राम चरितमानस के बाल कांड में राम जन्म की कथा का वर्णन करते हुए लिखा है कि जब रावण जैसे असुर के पाप से धरती पीड़ित हो गयी तो वो गाय का रूप धारण करके भगवान विष्णु के पास गयी और उन्होंने सभी देवताओं को भरोसा दिया की वो जल्द कौशल्या के गर्भ से अवतार लेकर रावण का संहार करेंगे।

इस बार 2 अप्रैल, गुरुवार सुबह 11:10 बजे से दोपहर 1:38 बजे तक पूजा का मुहूर्त रहेगा वही
नवमी तिथि आरंभ – 03:39 (2 अप्रैल 2020) से होगी और नवमी तिथि समाप्त – 02:42 (3 अप्रैल 2020) को होगी।

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