मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। प्रोजेक्ट चीता के तहत दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है।
श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्वास को तीन वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इस अवधि में यह 9वां सफल प्रसव दर्ज किया गया है, जिसे प्रोजेक्ट चीता की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। लगातार हो रहे सफल प्रजनन से यह स्पष्ट है कि कूनो का प्राकृतिक वातावरण चीतों के अनुकूल साबित हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि न केवल चीतों के संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। प्रोजेक्ट चीता ने भारत में विलुप्त हो चुके इस प्रजाति को फिर से स्थापित करने की उम्मीदों को मजबूती दी है।
इस खुशखबरी की जानकारी डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने इसे प्रदेश और देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए वन विभाग और प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारियों एवं विशेषज्ञों को बधाई दी।
मादा चीता गामिनी के शावकों के जन्म से प्रोजेक्ट चीता को नई ऊर्जा मिली है। यह सफलता दर्शाती है कि भारत में चीतों का पुनर्वास सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में देश एक बार फिर चीतों का सुरक्षित प्राकृतिक आवास बन सकता है।