मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक निजी अस्पताल पर इलाज में कथित लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामला पथरी के ऑपरेशन के बाद एक मरीज की बिगड़ी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ा है। परिजनों का दावा है कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत लगातार खराब होती गई और अब वह गंभीर स्थिति में उपचाररत है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार, बेनी सागर मोहल्ला निवासी ऋषि सेन पथरी की समस्या के इलाज के लिए डीटी हॉस्पिटल पहुंचे थे। परिवार के मुताबिक अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद उन्हें लगभग एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रखा गया। इस दौरान अस्पताल की ओर से मरीज में खून की कमी होने की बात कही गई।
परिजनों के अनुसार, स्वास्थ्य में सुधार न होने पर मरीज को मेडिकल कॉलेज, जबलपुर रेफर कर दिया गया। उनका दावा है कि वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने ऑपरेशन से जुड़ी कुछ जटिलताओं की आशंका व्यक्त की। इसके बावजूद मरीज की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

परिवार का आरोप है कि मरीज वर्तमान में घर पर इलाज करा रहा है और उसकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि मरीज के शरीर से लगातार नीले रंग का द्रव निकल रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और बढ़ गई हैं।
पीड़ित परिवार ने डीटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों और प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का यह भी आरोप है कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज के नाम पर गरीब मरीजों के साथ गंभीर लापरवाही बरती गई।
परिजनों का कहना है कि संबंधित अस्पताल पर पहले भी इलाज में कथित लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। उनका आरोप है कि समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं। फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।