रोहिंग्या के मुद्दे पर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। ओवैसी ने गृहमंत्री अमित शाह पर करारा हमला बोला है। हैदराबाद निकाय चुनाव में रोहिंग्या मतदाताओं का मुद्दा जोर पकड़ रहा है।
रोहिंग्या के मामले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर हैदराबाद मतदाता सूची में 30000 से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान हैं तो गृह मंत्री क्या कर रहे हैं, क्या वो सो रहे हैं। अब ओवैसी ने गृहमंत्री को चुनौती देते हुए कहा है कि अमित शाह आज शाम तक ऐसे 1000 रोहिंग्या के नाम बताएं।
तेलंगाना में ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार करने पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी ने एक पब्लिक रैली में भाषण के दौरान कहा कि अगर वोटर लिस्ट में 30,000 रोहिंग्या हैं तो गृह मंत्री अमित शाह क्या कर रहे हैं, क्या वो सो रहे हैं? क्या ये उनकी जिम्मेदारी नहीं है कि वोटर लिस्ट में 30-40 हजार रोहिंग्या के नाम कैसे आए।
ओवैसी ने ये भी कहा कि ‘अगर बीजेपी ईमानदार है तो मंगलवार की शाम तक 1000 रोहिंग्या के नाम बताएं।’ ओवैसी ने कहा कि उनका इरादा नफरत फैलाने का है। यह लड़ाई हैदराबाद और भाग्यनगर के बीच है। यह अब आपकी जिम्मेदारी है कि कौन जीतेगा।
आप को बता दे की ये सारा मामला इसलिए शुरू हुआ क्योंकि बीजेपी के यूथ विंग के अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया था कि ओवैसी केवल विकास की बात करते हैं लेकिन वो हैदराबाद मे केवल रोहिंग्या मुसलमानों को आने की इजाजत देते हैं।
सूर्या ने आगे कहा असदुद्दीन ओवैसी, मोहम्मद अली जिन्ना के अवतार हैं, उन्हें वोट देने का मतलब भारत के खिलाफ वोट देना है। उन्होंने आगे कहा सिर्फ एक निगम चुनाव नहीं है, अगर आप यहां ओवैसी को वोट देते हैं तो वो महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, यूपी जैसे राज्यों में मजबूत होते हैं।
उन्होंने ओवैसी भाइयों के लिए कहा कि ये ठीक वैसी ही बातें करते हैं जैसे मोहम्मद अली जिन्ना किया करते थे और विभाजनकारी राजनीति करते हैं। कट्टर इस्लाम की बात करने वाली एआईएमआईएम से लोगों को दूर रहना चाहिए।
तेजस्वी सूर्या ने हैदाराबाद में केसीआर पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि वो हैदराबाद को इस्तांबुल बनाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति लगातार भारत के खिलाफ बोलते हैं और केसीआर हैदराबाद को ही तुर्की की राजधानी इस्तांबुल जैसा बनाना चाहते हैं। यही कारण है कि वो लोग एआईएमआईएम के साथ गठबंधन में हैं, वो पाकिस्तान जैसा हैदराबाद चाहते हैं।