रिपोर्ट: सत्यम दुबे
रायपुर: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। महामारी के दूसरे लहर ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया है। हालात ये हो गये हैं कि जो भी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहा है, उसको पता ही नहीं होता कि कब वह संक्रमित हो जाता है। संक्रमण के विस्फोट का एक ताजा मामला छत्तीसगढ़ से सामने आया है। अब महामारी ने नक्सलियों को अपनी चपेट में ले लिया है। दंतेवाड़ा के SP अभिषेक पल्लव ने दावा किया है कि दक्षिण बस्तर के जंगलों में फूड पॉइजनिंग और कोरोना इंफेक्शन से 10 से ज्यादा नक्सलियों की मौत हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार दंतेवाड़ा के पुलिस अधिक्षक डॉक्टर अभिषेक पल्लव ने दावा किया है कि दक्षिण बस्तर के जंगलों में कोरोना वायरस से स्तिथि भयावह है। यहां 100 से अधिक छोटे और बड़े कैडर के नक्सली महामारी की चपेट में आ चुके हैं। वहीं बस्तर के IG सुंदरराज पी ने बताया कि, ‘नक्सलियों का इलाज कराने के लिए सरकार डॉक्टर नहीं भेज सकती। पुलिस घायल नक्सलियों का भी इलाज कराती है। नक्सली बंदूक लेकर सरकार से लड़ रहे हैं। अगर वे सरेंडर करेंगे तो इलाज किया जाएगा। स्वास्थ्य अमले को उनके बीच भेजने का सवाल ही नहीं है।
पिछले 24 घंटों की हात करें तो राज्य में 11867 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या अब बढ़कर 8,63,343 हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 8 लाख 63 हजार 343 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उनमें 7 लाख 27 हजार 497 मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं। राज्य में फिलहाल 1 लाख 25 हजार 104 मरीजों का इलाज चल रहा है और वायरस से संक्रमित 10 हजार 742 लोगों की मौत हुई है।