वैशाख महीने को बड़ी प्रधानता दी गयी है। यह माह भगवान् विष्णु को बड़ा प्रिय है। इसी माह में उनके अवतार नृसिंह भगवान् की जयंती भी आती है।
आपको बता दे, वैशाख महीने के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि को नृसिंह चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है।
भागवत पुराण के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लेकर दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु को मारा था।
राजा हिरण्यकशिपु को यह वरदान था कि वो मनुष्य, देवता, पक्षी, पशु, न दिन में, न रात में, न धरती पर, न आकाश में, न अस्त्र से, न शस्त्र से नहीं मारा जा सकता था।
उसका पुत्र प्रह्लाद विष्णु आराधना करता था, जो उसे पसंद नहीं थी। उसे मारने के उसने बड़े जतन किये लेकिन मार नहीं पाया।
एक बार तो होलिका, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, वह प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठ गई लेकिन तो भी वो बच गया।
उसके बाद जब खुद वो अपने पुत्र को मारने लगा तो खुद विष्णु के अवतार नृसिंह खंबे से प्रकट हुए और उन्होंने अपने नाखूनों से हिरण्यकशिपु को मार दिया।