मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री प्रहलाद पटेल ने बजट को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मध्य प्रदेश का बजट 2026-27 संतुलित, दूरदर्शी और जनहितकारी है। उन्होंने कहा कि यह बजट विशेष रूप से ग्रामीण विकास, कृषि और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने वाला है, जिससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार होगा।
कृषि क्षेत्र के लिए ₹1.15 लाख करोड़ का प्रावधान
प्रहलाद पटेल ने जानकारी दी कि बजट में कृषि क्षेत्र के लिए लगभग ₹1.15 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे खेती, सिंचाई, फसल उत्पादन, पशुपालन और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट बढ़ा
मंत्री ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट बढ़ाकर ₹40,062 करोड़ कर दिया गया है। इस राशि से स्थानीय निकायों को अनुदान, ग्राम पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पंचायत पदाधिकारियों के मानदेय, ग्राम स्वराज अभियान जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी और विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
प्रहलाद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में लाखों घरों का निर्माण लगातार जारी है। इसके साथ ही ग्रामीण सड़कों, पेयजल आपूर्ति, पोषण कार्यक्रम, आजीविका संवर्धन योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके।
ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में कदम
मंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का रोडमैप है। पंचायतों को अधिक संसाधन और अधिकार देकर सरकार गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है।






