हमारे हिन्दू ग्रंथों के अनुसार माघ माह के महीने की पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा कहा जाता है और पदम् पुराण में उल्लेख है की इस दिन अगर कोई व्यक्ति भगवान विष्णु की पूजा करके अगर किसी पवित्र नदी में स्नान करता है तो उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है।
माघी पूर्णिमा इस वर्ष 9 फरवरी को है। माघ मास में जल का यह कहना है कि ‘जो सूयार्दय होते ही मुझमें स्नान करता है, उसके बड़े से बड़े पाप भी हम तत्काल नष्ट कर उसे शुद्ध एवं पवित्र कर डालते हैं।
आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे बाते बताने वाले है जिसे करने से आपको भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त हो सकती है। दरअसल माघ मास या माघ पूर्णिमा को संगम में स्नान का बहुत महत्व है।
प्रयागे माघमासे तुत्र्यहं स्नानस्य यद्रवेत्।दशाश्वमेघसहस्त्रेण तत्फलं लभते भुवि।।
शास्त्रों में लिखा गया है कि प्रयाग में माघ मास के अन्दर तीन बार स्नान करने से जो फल होता है वह फल पृथ्वी में दस हजार अश्वमेघ यज्ञ करने से भी प्राप्त नहीं होता है।
दूसरी बात यह भी है कि इस दिन नदी के तट पर ही कुटिया बनाकर रहना और साधुओं के साथ व्रत, तप, उपवास, संत्संग आदि करना शुभ रहता है। ब्रह्मा, विष्णु, महादेव, रुद्र, आदित्य तथा मरूद्गण माघ मास में यमुना के संगम पर गमन करते है।
इस दिन दान का भी बहुत महत्त्व है, पुराणों में दानों का उल्लेख मिलता है जिसमें अन्नदान, विद्यादान, अभयदान और धनदान को ही श्रेष्ठ माना गया है, यही पुण्य भी है। माघ माह में मंदिरों, आश्रमों, नदी के तट पर सत्संग, प्रवचन के साथ माघ महात्म्य तथा पुराण कथाओं का आयोजन होता है।