इंडियन प्रीमियर लीग में सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच मुकाबाला खेला गया। इस मैच में बैंगलोर की विराट कोहली और एबी डिविलियर्स की तूफानी जोड़ी ने एक और धमाकेदार साझेदारी निभाई। इन दोनों बल्लेबाज ने टूर्नामेंट में 10वीं बार शतकीय साझेदारी निभाई और तमाम जोड़ियों को पीछे छोड़ दिया।
कोलकाता के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 195 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इस बड़े स्कोर तक पहुंचने में डिविलियर्स की आतिशी अर्धशतकीय पारी सबसे अहम रही। इस धाकड़ बल्लेबाज ने महज 33 गेंद पर 73 रन की नाबाद पारी खेली। युवा ओपनर देवदत्त पडिक्कल ने 47 जबकि कप्तान विराट कोहली ने 33 रन की नाबाद पारी खेली।
इंडियन प्रीमियर लीग में यह 10वां मौका था जब कोहली और डिविलियर्स की जोड़ी ने टीम के लिए 100 रन से ज्यादा की साझेदारी निभाई है। इस अनुभवी जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए 100 रन की अटूट साझेदारी निभाई। इस जोड़ी की तूफानी बल्लेबाजी की वजह से ही बैगलोर ने कोलकाता को 196 रन की लक्ष्य दिया।
विराट ने अपनी फॉर्म को लेकर शुरुआती दबाव की बात को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती मैचों में उन्होंने खुद पर काफी दबाव बना दिया था लेकिन मुंबई इंडियंस के खिलाफ सुपर ओवर तक चले मैच से उनकी मानसिकता बदली जिससे उन्हें फार्म में वापसी करने में मदद मिली।
भारतीय कप्तान ने कहा कि मुंबई इंडियंस के खिलाफ सुपर ओवर में जसप्रीत बुमराह पर पुल शॉट लगाने से वह खुलकर खेलने के लिए प्रेरित हुए। कोहली ने चेन्नई के खिलाफ 90 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद कहा, मैं शुरूआती मैचों में खुद पर कुछ ज्यादा ही दबाव बना रहा था।
जब आप खुद पर ज्यादा ही बोझ डालना शुरू कर देते हैं तो आप खिलाड़ी के तौर पर योगदान नहीं कर पाते और आपकी टीम को भी आपके योगदान की जरूरत होती है। सुपर ओवर वाले मैच ने सचमुच मेरी सोच बदल दी, इसके बाद मैं अभ्यास और अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाने लगा।